Jharkhand News: नीति आयोग की बैठक में पीएम से नक्सल विरोधी अभियान के लिए सहयोग मांगेंगे हेमंत सोरेन

झारखंड
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Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren दिल्ली पहुंचे हैं, जहां वह नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेकर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को केंद्र सरकार के सामने रखेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री झारखंड के विकास, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक सहायता से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।

नक्सल विरोधी अभियान को मजबूत करने पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री का फोकस राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूत बनाने पर रहेगा। झारखंड के कई जिलों में पिछले कुछ वर्षों में नक्सल गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन सरकार का मानना है कि इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए केंद्र का सहयोग जरूरी है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से विशेष सहायता और आवश्यक संसाधनों की मांग कर सकते हैं।

विकास परियोजनाओं के लिए भी मांगी जाएगी मदद

नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री झारखंड के विकास से जुड़े कई लंबित मामलों को भी उठाएंगे। राज्य सरकार जल जीवन मिशन के लिए लंबित फंड जारी करने की मांग कर रही है। इसके अलावा कोयला कंपनियों पर बकाया रॉयल्टी और अन्य देयों के भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन संसाधनों से राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

उद्योग, शिक्षा और रोजगार पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड को केवल खनिज संपदा वाले राज्य के रूप में नहीं, बल्कि उद्योग, शिक्षा और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी सामने रखेंगे। राज्य सरकार विनिर्माण उद्योग, हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कौशल विकास से जुड़े नए संस्थानों की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग चाहती है। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।

विकसित झारखंड की दिशा में प्रयास

मुख्यमंत्री ने पहले भी कहा है कि झारखंड के खनिज संसाधनों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उन्हें मानव संसाधन, शिक्षा और उद्योगों के विकास से जोड़ा जाएगा। नीति आयोग की बैठक में वह इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग करेंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य झारखंड को विकसित भारत के विजन का मजबूत भागीदार बनाना है।

झारखंड सरकार को उम्मीद है कि नीति आयोग की बैठक में उठाए जाने वाले मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय होंगे, जिससे राज्य के विकास, रोजगार सृजन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं प्रगति को नई मजबूती मिलेगी।