Jharkhand news: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल-टाटानगर रेल सेक्शन की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस रूट पर लगातार हो रही देरी अब अस्वीकार्य हो चुकी है। पिछले दो वर्षों से यात्री ट्रेनों के घंटों लेट चलने की समस्या बनी हुई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों को हो रही भारी परेशानी
इस रेल लाइन पर देरी का सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रियों, छात्रों, श्रमिकों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। जो यात्रा पहले कुछ घंटों में पूरी हो जाती थी, अब उसमें दोगुना समय लग रहा है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मालगाड़ियों को प्राथमिकता पर सवाल
मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि इस रूट पर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि यात्री ट्रेनें लगातार लेट हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ संचालन का मामला नहीं है, बल्कि प्राथमिकता तय करने का मुद्दा है। यात्रियों के समय और सुविधा को भी उतना ही महत्व मिलना चाहिए जितना माल परिवहन को दिया जाता है।
रेल मंत्री से की त्वरित कार्रवाई की मांग
सीएम सोरेन ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चांडिल-टाटानगर सेक्शन में यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाए और देरी की समस्या का जल्द समाधान किया जाए। साथ ही उन्होंने लंबित रेल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की भी बात कही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि केवल ट्रेन संचालन सुधारना ही काफी नहीं है, बल्कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करना जरूरी है। बेहतर ट्रैक, आधुनिक सुविधाएं और समयबद्ध परियोजनाएं ही इस समस्या का स्थायी समाधान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत रेल नेटवर्क बहुत जरूरी है।
जनता की सुविधा सर्वोपरि
सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोगों की सुविधा और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही सुधार की उम्मीद की जा रही है। यह मामला अब राज्य में एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है।
