Jharkhand News: चुनावी व्यस्तता से लौटने के बाद Hemant Soren ने सरकार के कामकाज को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। Jharkhand में विधानसभा बजट सत्र के दौरान की गई घोषणाओं पर अब तेजी से अमल शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी विभागों को सख्त समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के लिए कहा गया है।
16 अप्रैल तक मांगी गई रिपोर्ट
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे 16 अप्रैल 2026 तक अपनी प्रगति रिपोर्ट जमा करें। मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री के संबोधन में जो भी घोषणाएं की गई थीं, उन पर समयबद्ध तरीके से काम होना जरूरी है। अगर किसी विभाग ने लापरवाही बरती, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
बड़ी योजनाओं पर खास फोकस
इन घोषणाओं में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। सरकार ‘मंईयां बलवान’ और ‘मंईयां उद्यमी’ जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर काम कर रही है। इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आसान ऋण देने की योजना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
शिक्षा और युवाओं के लिए नई पहल
राज्य सरकार युवाओं के लिए भी नई योजनाओं पर काम कर रही है। जर्मनी और यूके जैसे देशों के साथ ‘नॉलेज कॉरिडोर’ बनाने की योजना है, जिससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा और कौशल सीखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा नई स्कॉलरशिप योजनाएं भी शुरू की जाएंगी, जिससे छात्रों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
उद्योग और निवेश को बढ़ावा
सरकार झारखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठा रही है। ‘झारखंड स्टेट इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड’ बनाने की योजना है, जिससे निवेश प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। इसके साथ ही राज्य को ग्रीन एनर्जी और एआई हब के रूप में विकसित करने की तैयारी भी चल रही है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
सरकार ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विभागों की घोषणाओं का गहराई से अध्ययन करें और जल्द से जल्द उन्हें लागू करें। यह भी कहा गया है कि हर योजना की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि काम में देरी न हो और जनता को समय पर लाभ मिल सके।
जनता तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
इस पूरे कदम का मुख्य उद्देश्य यही है कि सरकार की घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका फायदा सीधे लोगों तक पहुंचे। Hemant Soren की इस पहल को प्रशासनिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे विकास योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।
