पहले चरण में 300 छात्रों को मिलेगा लाभ
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रों (Students) के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों को मेडिकल (NEET) और इंजीनियरिंग (JEE) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और संसाधन प्रदान करना है जिससे वे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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इस योजना को अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा। बता दें कि मंगलवार को विभाग ने इसके लिए कोटा के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान ‘मोशन एजुकेशन’ (Motion Education) को कार्यादेश जारी कर दिया है। राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी स्थित कल्याण विभाग के भवन में यह कोचिंग संचालित होगी।

पहले चरण में 300 छात्र होंगे शामिल
सरकार की इस योजना के पहले चरण में लगभग 300 विद्यार्थियों को चयनित किया गया है। चयन शैक्षणिक योग्यता और तय मानदंडों के आधार पर हुआ है। शुरुआत में यह सुविधा ST वर्ग के छात्रों के लिए लागू होगी। दूसरे चरण में SC वर्ग और फिर OBC वर्ग के छात्रों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।
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क्यों उठाया गया ये कदम?
झारखंड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा (Minister Chamara Linda) ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि झारखंड के मेधावी छात्रों को भी IIT, AIIMS और अन्य शीर्ष संस्थानों तक पहुंचने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि कई छात्र प्रतिभाशाली होने के बावजूद संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी के कारण पीछे रह जाते हैं।
सरकार की यह योजना ऐसे ही छात्रों को नई दिशा और आत्मविश्वास देने का काम करेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि राज्य का कोई भी होनहार छात्र गरीबी या संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहे।
छात्रावास, पुस्तकालय और भोजनालय की व्यवस्था भी होगी
कोचिंग के साथ-साथ छात्रों के लिए आवासीय सुविधाएं, पुस्तकालय और भोजनालय की व्यवस्था भी की जा रही है। कल्याण मंत्री ने कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी के साथ छात्रावास का निरीक्षण किया और आवश्यक सुधारों के निर्देश दिए। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में UPSC और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी राज्य के छात्रों को दिल्ली भेजने की योजना है।

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झारखंड सरकार का लक्ष्य
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि राज्य के हर मेधावी छात्र को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले। झारखंड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की है। तेज होती प्रतिस्पर्धा के दौर में यह योजना छात्रों को मजबूत और सक्षम बनाएगी।
