Jharkhand News: झारखंड में एक बार फिर आदिवासी आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
Jharkhand News: झारखंड में एक बार फिर आदिवासी आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड स्थित ललपनिया में आयोजित लुगू बुरू घांटाबाड़ी धोरोम गाढ़ राजकीय महोत्सव-2025 के समापन समारोह में सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। तीन दिवसीय यह महोत्सव संताल आदिवासी समाज की आस्था, एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है।

सीएम हेमंत ने पत्नी कल्पना संग की पूजा-अर्चना
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ पारंपरिक विधि-विधान से लुगू बुरू बाबा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने राज्य की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने पुनाय थान परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और संताल समाज की आध्यात्मिक एकता को सलाम किया।

संताल संस्कृति का प्रतीक बना लुगू बुरू महोत्सव
लुगू बुरू स्थल को ‘संतालों का कुंभ’ कहा जाता है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। इस वर्ष भी मंगलवार सुबह से ही आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। पहाड़ की चढ़ाई कर दो लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। पुनाय थान परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां पारंपरिक गीतों और नृत्यों के माध्यम से सांस्कृतिक उत्सव का जीवंत प्रदर्शन हुआ।

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सीएम हेमंत सोरेन बोले – संस्कृति और परंपरा से जुड़ना हमारी पहचान
अपने संबोधन में सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा, ‘जहां भी रहें, अपनी संस्कृति, परंपरा और भाषा के संरक्षण से जुड़े रहें। समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखना ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।’ उन्होंने लुगू बुरू पर्व को संताल समाज की प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली और सामूहिकता की मिसाल बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पवित्र स्थान हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और सतत जीवनशैली का संदेश देता है।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान
महोत्सव के दौरान टेंट सिटी परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें उनके जीवन, संघर्ष और झारखंड आंदोलन के ऐतिहासिक क्षणों को प्रदर्शित किया गया है। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि शिबू सोरेन जैसे नेताओं के संघर्ष और समर्पण ने झारखंड को पहचान दी। युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान बिरसा मुंडा, वीर सिदो-कान्हू और चांद-भैरव की वीरता को नमन किया। उन्होंने कहा, ‘जो समाज और देश के लिए काम करते हैं, वे कभी नहीं मिटते। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को रास्ता दिखाते रहते हैं।’ मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की और राज्य में शांति व एकता का संदेश दिया।
श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क खिचड़ी सेवा जारी
लुगू बुरू महोत्सव में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए निःशुल्क खिचड़ी वितरण की व्यवस्था की गई है। यह सेवा दिशोम गुरु की स्मृति में बोकारो जिला प्रशासन और सोना सोबरन मेमोरियल सोसाइटी द्वारा संचालित की जा रही है। दर्शन के बाद श्रद्धालु प्रसादस्वरूप खिचड़ी ग्रहण कर रहे हैं।

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संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास
सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और सामूहिक रूप से झारखंड की पहचान को और सशक्त बनाएं।
