Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में सड़कों और जल निकासी की समस्या को लेकर स्पष्ट कहा है कि “टूटी सड़कों को नहीं रहने देंगे” और शहर में स्थायी जल निकासी समाधान स्थापित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गुरुग्राम में सभी खराब सड़कें और नालियों / ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए वास्तविक योजनाओं पर काम करें, ताकि लंबे समय तक सड़कें पक्की और सुरक्षित रहें।
सीएम ने गुरुग्राम के लिए ड्रेनेज और जल समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया
सीएम नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में जल निकासी और ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही है, ताकि बारिश या सीवेज के कारण सड़कों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह केवल अस्थायी मरम्मत नहीं बल्कि दीर्घकालिक योजना है, जिसमें विभाग पानी को नियंत्रित करने, निकासी को मजबूत करने तथा स्वस्थ और सुचारू सड़क परिवहन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देंगे।
सड़क मरम्मत और शिकायत समाधान में तत्काल कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम में अधिकारियों से कहा है कि सभी टूटी और गड्डेदार सड़कों को एक महीने के भीतर उपयोग-योग्य बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चाहे जिम्मेदारी किसी भी निकाय जैसे HSIIDC, MCG या GMDA की हो, मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। इस कदम से यह संदेश दिया गया है कि जनता की शिकायतों का समाधान तत्कालता के साथ किया जाएगा।
सड़कों की गुणवत्ता और जल निकासी दोनों पर नियंत्रण की रणनीति
नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में स्थायी समाधान पर ज़ोर दिया है, जिसमें बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, साफ-सुथरी सड़कें और बारिश के पानी के प्रभाव को कम करना शामिल है। इन पहलों से शहर के वाहनों तथा पैदल चलने वालों की राह आसान और सुरक्षित बनेगी। उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि जल निकासी में सुधार और सड़क मरम्मत दोनों को एक ही दिशा में काम करना है ताकि भविष्य में सड़कें बार-बार टूटने या जल जमा होने की समस्या से दो-चार न हों।
लंबे समय तक कार्यसमय और जवाबदेही पर सीएम का फोकस
सैनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विकास कार्यों और शिकायतों के निपटारे को लेकर अधिकारियों में स्पष्ट जवाबदेही होगी। इन निर्देशों से उम्मीद की जा रही है कि न केवल गुरुग्राम की सड़कें स्थिर और मजबूत होंगी, बल्कि जल निकासी और ड्रेनेज प्रणाली भी भविष्य के लिए बेहतर होगी, जिससे नागरिकों को राहत मिले।
