Haryana News: हरियाणा में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस के 11 विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर राज्य में बढ़ते अपराध, रंगदारी और गैंग गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे उठाए।
कांग्रेस ने बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि रंगदारी मांगने की घटनाएं बढ़ रही हैं, गैंगस्टर गतिविधियों में इजाफा हुआ है और आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
जनता की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस विधायकों का कहना था कि लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए कानून-व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
पहले भी उठते रहे हैं कानून-व्यवस्था के मुद्दे
हरियाणा में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। कांग्रेस नेताओं ने पहले भी गैंगवार, हत्या, रंगदारी और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि अपराधियों में कानून का डर कम हुआ है, जिससे ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकार पर बढ़ा दबाव
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राज्य में अपराध और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता बता रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले भी अधिकारियों को अपराध नियंत्रण के लिए जवाबदेह ठहराने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं।
आगे क्या?
कांग्रेस का कहना है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार पर दबाव बनाए रखेगी ताकि कानून-व्यवस्था में सुधार हो सके। वहीं, इस मुलाकात के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर कौन से नए कदम उठाती है।
