Haryana News: सैनी बोले संसद में व्यवधान लोकतंत्र की परंपरा के खिलाफ

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Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संसद में हो रहे हंगामे और विपक्ष के वॉकआउट को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन असहमति जताने का तरीका भी लोकतांत्रिक और मर्यादित होना चाहिए। संसद देश की सर्वोच्च संस्था है, इसलिए वहां शांति और गंभीरता से चर्चा होना जरूरी है।

सैनी ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को इसलिए चुनकर भेजती है ताकि वे उनकी समस्याओं को उठाएं और समाधान निकालें। अगर लगातार हंगामा होगा तो जरूरी विधेयक और विकास से जुड़े काम प्रभावित होंगे।

विपक्ष को जिम्मेदार भूमिका निभाने की सलाह

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का अहम हिस्सा होता है। उसकी जिम्मेदारी केवल विरोध करना नहीं, बल्कि सरकार को बेहतर सुझाव देना और जनहित के मुद्दों पर ठोस बहस करना भी है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जैसी पुरानी पार्टी से देश को रचनात्मक राजनीति की उम्मीद रहती है। संसद में बहस से ही सच्चाई सामने आती है और जनता को सही जानकारी मिलती है। केवल वॉकआउट करने से समस्याओं का हल नहीं निकलता।

मुद्दों पर गंभीर चर्चा की जरूरत

सैनी ने जोर देकर कहा कि चाहे आर्थिक मुद्दे हों, किसानों की समस्या हो या राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल, इन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। संसद में सवाल पूछना अधिकार है, लेकिन जवाब सुनना और समाधान पर सहमति बनाना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जब सदन में व्यवधान होता है तो समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। इसका सीधा असर देश की प्रगति और नीतियों के क्रियान्वयन पर पड़ता है।

लोकतंत्र का सम्मान और देशहित सर्वोपरि

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को लोकतंत्र की मर्यादा का पालन करना चाहिए। देशहित और जनता का विश्वास राजनीति से ऊपर होना चाहिए।

उन्होंने अपील की कि संवाद, सहयोग और सकारात्मक सोच से ही लोकतंत्र मजबूत होगा। संसद में स्वस्थ बहस और जिम्मेदार आचरण से ही देश आगे बढ़ सकता है और जनता की उम्मीदें पूरी हो सकती हैं।