Haryana News: हरियाणा सरकार ने राज्य में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन फैसलों का उद्देश्य जरूरी सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाना और राज्य में उद्योगों के विकास को तेज करना है। यह निर्णय राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें हाई-पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कई प्रमुख बुनियादी ढांचा और खरीद से जुड़े प्रस्तावों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई।
बैठक में मंत्री विपुल गोयल भी रहे मौजूद, विकास योजनाओं पर हुई चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में विपुल गोयल, जो राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हैं, भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान राज्य की आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर रहा कि आने वाले समय में जनता को बेहतर सुविधाएं मिलें और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 41 नए सर्किट ब्रेकर खरीदने का फैसला
राज्य की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए कमेटी ने 220 kV ट्रांसफॉर्मर के लिए 41 SF₆ गैस सर्किट ब्रेकर खरीदने को मंजूरी दी है। ये उपकरण हरियाणा पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन के लिए खरीदे जाएंगे।
इन सर्किट ब्रेकरों की खरीद पर लगभग 918.4 लाख रुपये (करीब 9.18 करोड़ रुपये) खर्च किए जाएंगे। इन उपकरणों का मुख्य उद्देश्य बिजली ग्रिड को मजबूत बनाना और विशेष रूप से आपातकालीन स्थितियों में बिजली सप्लाई को लगातार बनाए रखना है। इससे बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।
हिसार में बनने वाले मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए प्रोग्राम मैनेजर की नियुक्ति
बैठक के दौरान एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसमें हिसार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और आने वाली शहरी विकास परियोजनाओं के लिए एक कंसल्टेंट को प्रोग्राम मैनेजर के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दी गई।
इस नियुक्ति की अवधि तीन साल तय की गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से हिसार में बनने वाले मैन्युफैक्चरिंग हब का काम तेजी से शुरू हो सकेगा और परियोजना को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा।
परियोजनाओं की समय पर पूर्ति के लिए सख्त निगरानी के निर्देश
राज्य सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन सभी परियोजनाओं की लगातार निगरानी और सख्त देखरेख की जाए। कंसल्टेंट को जिम्मेदारी दी गई है कि वह परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखे और यह सुनिश्चित करे कि सभी काम समय पर और सही तरीके से पूरे हों।
सरकार का मानना है कि इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के पूरा होने से आने वाले समय में जनता को आर्थिक और सामाजिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा, साथ ही राज्य में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।
