Greater Noida West

Greater Noida West: सुपरटेक इकोविलेज की ये घटना वाक़ई दिल दहला देने वाली है

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इकोविलेज-1 सोसायटी में एक बड़ा हादसा हुआ, जब सोसायटी की लिफ्ट अचानक ऊपर से नीचे गिर गई। यह घटना घरों में रह रहे लोगों के लिए हादसे जैसा साबित हुई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लिफ्ट 13वीं मंजिल से गिरकर नीचे 7वीं मंजिल तक जा गिरी, जिससे उसमें सवार लोग गंभीर रूप से डर गए। इस घटना ने सोसायटी में खलबली मचा दी।

हादसे में महिला की गंभीर चोटें

लिफ्ट में 65 वर्षीय एक महिला अपने दो नाती-नातिन के साथ सवार थी। जैसे ही लिफ्ट नीचे गिरी, तीनों संभल नहीं पाए और गिरने की तेज़ झटका लगने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे में महिला के पैर चार जगह से टूटने की गंभीर चोटें आईं, जबकि उसके नाती-नातिन बाल-बाल बच गए। परिजनों ने बताया कि व्हीलचेयर भी मौके पर उपलब्ध नहीं थी, जिससे महिला को लेजाने में परेशानी हुई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद कई निवासियों ने सोसायटी में सुरक्षा और रख-रखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए। सोसायटी में लगभग 97 लिफ्ट होने के बावजूद यह दुर्घटना होने से लोग हैरान हैं। कई लोगों का कहना है कि लिफ्टों के रख-रखाव और समय-समय पर जांच न होने के कारण यह घटना हुई है। अब सोसायटी के निवासियों की ओर से अधिकारियों से जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

हादसे के तुरंत बाद सोसायटी में अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग गंभीर रूप से चिंतित हो गए। कई निवासियों ने कहा कि यह दुर्घटना लिफ्ट की गंभीर लापरवाही का उदाहरण है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय रहने वालों का कहना है कि सोसायटी के मेंटेनेंस सिस्टम और सुरक्षा मानकों पर तत्काल जांच होनी चाहिए

निष्कर्ष

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की यह घटना एक चेतावनी-सदृश हादसा है जिसने सोसायटी निवासियों और आसपास के लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा दी है। लिफ्ट जैसे रोज़मर्रा के इस्तेमाल वाले उपकरण की सुरक्षा पर ध्यान न देना गंभीर रूप से खतरनाक परिणाम ला सकता है। अब निवासियों और अधिकारियों से यही उम्मीद की जा रही है कि वे मिलकर लिफ्ट और अन्य सुरक्षा सुविधाओं की नियमित जांच करवाएँ, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।