Greater Noida: गौतमबुद्ध नगर में बाल शिक्षा अधिकार (RTE) के तहत बच्चों के दाखिले को लेकर अभिभावकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कई निजी स्कूलों ने अब तक आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं की है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन बैठक की अगली तारीख तय करना भी भूल गया है, जबकि 20 मई से स्कूलों की छुट्टियां शुरू होने जा रही हैं।
40 स्कूलों को भेजा गया था नोटिस
अभिभावकों की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने जिले के 40 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया था। आरोप था कि ये स्कूल आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं।
7 मई को एडीएम प्रशासन मंगलेश दुबे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन इसमें केवल 30 स्कूलों का प्रबंधन ही शामिल हुआ। बाकी 10 स्कूल बैठक से अनुपस्थित रहे थे।
10 स्कूलों के साथ अब तक नहीं हुई बैठक
बैठक में शामिल न होने वाले स्कूलों को शिक्षा विभाग की ओर से दोबारा नोटिस जारी किया गया था और नई बैठक बुलाने की बात कही गई थी। हालांकि अभी तक बैठक की तारीख तय नहीं हो पाई है।
इस देरी के कारण आरटीई के तहत चयनित बच्चों के अभिभावक लगातार स्कूलों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कई परिवारों को अब भी बच्चों के दाखिले की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
11,600 सीटों में सिर्फ 2300 पर ही हुआ दाखिला
अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष मैपिंग के बाद जिले में RTE के तहत 11,600 सीटें घोषित की गई थीं। तीन चरणों में कुल 4,330 सीटें आवंटित की गईं, लेकिन अब तक केवल 2,300 बच्चों का ही दाखिला हो पाया है।
करीब 2 हजार से ज्यादा विद्यार्थी अभी भी प्रवेश के इंतजार में हैं और उनके अभिभावक लगातार स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं।
ये स्कूल बैठक में नहीं हुए थे शामिल
7 मई को हुई प्रशासनिक बैठक में कई बड़े निजी स्कूल शामिल नहीं हुए थे। इनमें शामिल हैं:
- सरवारी लाल फाउंडेशन
- डीपीएस सेक्टर-122
- बिलाबान
- रामाज्ञा स्कूल सेक्टर-50
- रामाज्ञा स्कूल डेल्टा-2
- एपीजी नोएडा
- शिव नाडर स्कूल
- स्टेप बाय स्टेप स्कूल सेक्टर-132
- शांति इंटरनेशनल
- बाल भारती स्कूल
प्रदेश में सबसे पीछे रहा गौतमबुद्ध नगर
हाल ही में प्रदेश स्तर पर आरटीई के तहत दाखिलों की समीक्षा सूची जारी की गई थी। इसमें सबसे कम प्रवेश देने वाले जिलों में गौतमबुद्ध नगर पहले स्थान पर रहा, जबकि गाजियाबाद दूसरे नंबर पर था।
अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल हर साल प्रवेश देने में देरी करते हैं और परिवारों को बार-बार स्कूलों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं शिक्षा विभाग भी सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित रह जाता है और ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्कूलों में डर नहीं बचा है।
इस सप्ताह फिर होगी बैठक
बीएसए राहुल पंवार ने कहा कि इसी सप्ताह 10 स्कूलों के साथ बैठक की जाएगी और उन्हें सख्त निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में शामिल हुए अधिकांश स्कूलों ने लगभग सभी प्रवेश पूरे कर दिए हैं और लगातार प्रगति रिपोर्ट भी भेज रहे हैं।
