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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा की बेटी को मिला 1.80 करोड़ का पैकेज

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR नोएडा
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Greater Noida की बेटी ने किया कमाल, इस कंपनी ने दिया 1.80 करोड़ का पैकेज

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए बड़ी और खुश कर देने वाली खबर है। आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा के लोगों को नए साल बड़ी खुशी मिली है। ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के गांव कचेडा में इस बार कुछ ऐसा हुआ कि पूरे ग्रेटर नोएडा के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। ग्रेटर नोएडा के गांव कचेडा (Kacheda) में लोगों ने मास्टर धर्मपाल के घर पर जमकर जश्न मनाया।

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Pic Social Media

शिवांगी नागर की उपलब्धि से ग्रेटर नोएडा में खुशी

मास्टर धर्मपाल के घर पर जश्न का कारण था शिवांगी नागर (Shivangi Nagar) की सफलता। आपको बता दें कि शिवांगी नागर ने गौतमबुद्ध नगर जिले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वह गौतमबुद्ध नगर की पहली बेटी हैं, जिन्हें अमेरिका की ओरेकल कंपनी (Oracle Company) में 1 करोड़ 80 लाख के पैकेज पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) के रूप में नौकरी मिली है। ओरेकल सॉफ्टवेयर कंपनियों में दुनिया में तीसरे नंबर की कंपनी है।

पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल

आपको बता दें कि नए साल की पूर्व संध्या पर अमेरिका (America) से वापस लौटी शिवांगी (Shivangi) ने अपने गांव कचेडा का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। इस मौके पर मास्टर धर्मपाल सिंह के घर खूब जश्न मनाया गया। डीजे (DJ) की धुन और लजीज व्यंजनों की खुशबू ने इस जश्न को और भी बढ़ा दिया। शिवांगी के घरवालों ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि से फूले नहीं समा रहे हैं। शिवांगी की सफलता ने केवल कचेडा ही नहीं, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा वासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। क्षेत्र के लोग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। शिवांगी का परिवार शिक्षा के प्रति समर्पित रहा है, जिससे वह हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही।

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परिवार में शिक्षा का अच्छा माहौल

शिवांगी अपने बचपन के ही दिनों से पढ़ने में तेज रहीं। उन्हें घर पर भी शैक्षिक माहौल मिला है। शिवांगी के दादा धर्मपाल सिंह दिल्ली में टीचर रहे हैं। उनके परिवार में कई सदस्य शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे चुके हैं, जैसे कि बुआ और चाचा जो दिल्ली शिक्षा विभाग में लेक्चरर हैं। इस तरह का माहौल शिवांगी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। शिवांगी के परदादा चौधरी नत्थे सिंह गांव के 2 बार सरपंच भी रह चुके हैं। जब पंचायती राज प्रणाली शुरू हुई, तो उन्हें निर्विरोध प्रधान चुना गया। शिवांगी के चाचा भुमेश नागर भी 2005 से 2010 तक गांव के प्रधान रह चुके हैं। इस प्रकार, शिवांगी का परिवार न केवल शिक्षा में, बल्कि गांव की सेवा में भी अग्रणी रहा है।

शिवांगी की कहानी एक प्रेरणा है, जो यह बताती है कि शिक्षा और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। सबसे पहले, मुम्बई की सीमेंस इंजीनियरिंग कंपनी ने शिवांगी को सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया। इसके बाद शिवांगी ने अपने मिशन एजुकेशन को आगे बढ़ाते हुए अमेरिका की नार्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में एम एस किया। शिवांगी की सॉफ्टवेयर डेवलपर की प्रतिभा को पहचानते हुए, अमेरिका के आस्टिन में स्थित ओरेकल कंपनी ने उसे नौकरी दी। बीते साल जुलाई में, उन्हें इस प्रतिष्ठित आईटी कंपनी में 1 करोड़ 80 लाख के सालाना पैकेज पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया गया।

शिवांगी की इस सफलता पर गांव वालों ने एक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया। इस समारोह में क्षेत्र के प्रमुख लोगों ने शिवांगी को खूब आशीर्वाद दिया और उज्जवल भविष्य की कामना की। इस समारोह में पूर्व विधायक रूप चौधरी भी शामिल हुए, जो शिवांगी के मौसा हैं। यह आयोजन न केवल शिवांगी के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए गर्व का पल था।