इस मंत्री को बनाया अध्यक्ष
Delhi News: दिल्ली में छठ पूजा 2025 को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सीएम रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने इस बार पर्व को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया है। समिति का उद्देश्य राजधानी के विभिन्न पूजा स्थलों की सफाई, सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की समग्र निगरानी और व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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कपिल मिश्रा को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta) ने कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा को इस हाई लेवल कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके साथ चार विधायकों – अभय कुमार वर्मा (लक्ष्मी नगर), चंदन कुमार चौधरी (संगम विहार), संदीप सेहरावत (मटियाला) और दीपक चौधरी (बवाना) को समिति में सदस्य बनाया गया है। इन सभी की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छठ पूजा स्थलों का चयन और निगरानी करें, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
1000 से अधिक स्थलों पर होगा आयोजन
मंत्री कपिल मिश्रा (Minister Kapil Mishra) ने कहा कि इस बार दिल्ली में 1000 से अधिक स्थानों पर छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा। इनमें यमुना तट, मुन्नक नहर और कई कृत्रिम तालाब शामिल हैं। उन्होंने इसे केवल पूर्वांचल का नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान का पर्व बताया।
सरकार ने संबंधित सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आयोजन स्थलों पर सफाई, जल प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा की पुख्ता व्यवस्था की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

यमुना से हटेगी जलकुंभी, मिलेगा साफ जल
छठ पूजा (Chhath Puja) के दौरान श्रद्धालु यमुना के घाटों पर सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस प्रक्रिया को साफ जल की आवश्यकता होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिया है कि यमुना से जलकुंभी हटाई जाए, जिससे श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित जल में पूजा कर सकें।
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पहले से ज्यादा भव्य होगा त्योहार
मंत्री कपिल मिश्रा (Minister Kapil Mishra) ने कहा कि पहले की सरकारों ने छठ मइया के भक्तों की उपेक्षा की थी, लेकिन वर्तमान सरकार इस पावन पर्व को नई ऊर्जा और भव्यता के साथ मनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छठ केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक है।
