राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत अब तक का सबसे बड़ा बदलाव
Delhi News: दिल्ली सरकार ने शिक्षा (Education) के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए राजधानी के सरकारी स्कूलों में 18,996 नए स्मार्ट क्लासरूम (New Smart Classrooms) बनाने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसे दिल्ली सरकार (Delhi Government) की कैबिनेट ने मंगलवार को हुई बैठक में मंजूरी दे दी है। इस बैठक में टूरिज्म, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने का लक्ष्य
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद (Minister Ashish Sood) ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत उठाया जा रहा है और यह दिल्ली के स्कूली बुनियादी ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव है। स्मार्ट क्लासरूम के जरिए शिक्षा व्यवस्था को और आधुनिक और प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।
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क्या होते हैं स्मार्ट क्लासरूम?
स्मार्ट क्लासरूम (Smart Classroom) में हाईटेक उपकरण जैसे स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम शामिल होते हैं। ये उपकरण छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ने और समझने में मदद करते हैं, साथ ही शिक्षकों के लिए पढ़ाने की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।
2029-30 तक 21,412 स्मार्ट क्लासरूम का लक्ष्य
शिक्षा मंत्री आशीष सूद (Minister Ashish Sood) ने कहा कि अगले पांच सालों में हर साल 4,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे, जिससे 2029-30 तक दिल्ली के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम की कुल संख्या 21,412 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों (2014-2024) में केवल 799 स्मार्ट बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन अब शिक्षा को और स्मार्ट बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कुल 37,778 क्लासरूम हैं।
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सीएम श्री स्कूलों में भी लगेंगे स्मार्ट बोर्ड
शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) सीएम श्री स्कूलों को और उन्नत बनाने पर भी काम कर रही है। जल्द ही 75 सीएम श्री स्कूलों में 2,446 स्मार्ट बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
इस योजना के तहत दिल्ली सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है, जिससे छात्रों को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम शिक्षा का लाभ मिल सके।
