Earthquake

Earthquake: अफगानिस्तान में भूकंप से दिल्ली-NCR में हिली धरती, 250 से ज़्यादा लोगों की मौत

TOP स्टोरी Trending इंटरनेशनल
Spread the love

Earthquake: अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है।

Earthquake: अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में आए भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 250 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग घायल हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि भूकंप का केंद्र कुनर प्रांत के हिंदू कुश क्षेत्र में था, जिसने नूरगल, सूकी, वतपुर, मानोगी और चपे-दरे जैसे इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थानीय अधिकारियों को आशंका है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई गांवों तक राहत और बचाव दल अभी पहुंच नहीं पाए हैं।

Pic Social Media

लगातार आए पांच भूकंप

रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक अफगानिस्तान में भूकंप के पांच झटके दर्ज किए गए।

पहला भूकंप- 1 सितंबर 2025, रात 12:47 बजे, तीव्रता 6.3, गहराई 160 किमी

Pic Social Media

दूसरा भूकंप- 1 सितंबर 2025, रात 1:08 बजे, तीव्रता 4.7, गहराई 140 किमी

Pic Social Media

तीसरा भूकंप- 1 सितंबर 2025, रात 1:59 बजे, तीव्रता 4.3, गहराई 140 किमी

Pic Social Media

चौथा भूकंप- 1 सितंबर 2025, सुबह 3:03 बजे, तीव्रता 5.0, गहराई 40 किमी

Pic Social Media

पांचवां भूकंप- 1 सितंबर 2025, सुबह 5:16 बजे, तीव्रता 5.0, गहराई 10 किमी

Pic Social Media

रिक्टर पैमाने पर सबसे तेज झटका 6.3 तीव्रता का था, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा तबाही हुई।

दिल्ली-NCR, पाकिस्तान और अन्य इलाकों में भी महसूस हुए झटके

जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) और यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सिस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने पुष्टि की है कि भूकंप अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का था। GFZ के मुताबिक इसकी गहराई 10 किमी, जबकि EMSC के अनुसार 35 किमी रही। इस भूकंप के झटके पाकिस्तान, भारत के उत्तरी हिस्सों और दिल्ली-NCR तक महसूस किए गए, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।

ये भी पढ़ेंः Manoj Tumu: कौन हैं 23 साल के मनोज तुमु जिन्हें मेटा ने दिया करोड़ों का पैकेज?

Pic Social Media

घरों को भारी नुकसान, कई लोग बेघर

स्थानीय लोगों ने कहा कि भूकंप के बाद कई झोपड़ियां और पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। कई मकान पूरी तरह ढह गए हैं। तालिबान प्रशासन ने कहा कि भूस्खलन और टूटी सड़कों के कारण राहत कार्यों में भारी परेशानी आ रही है। कई प्रभावित क्षेत्रों तक अभी भी सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है।

तालिबान सरकार ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद

तालिबान प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हेलिकॉप्टर और चिकित्सा सहायता भेजने की अपील की है। अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवा पहले से ही संकट में है, और इस प्राकृतिक आपदा ने हालात को और बिगाड़ दिया है। तालिबान सरकार के पास सीमित संसाधन हैं और वे संयुक्त राष्ट्र सहित कई मानवीय संगठनों से सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं।

पहले भी झेल चुका है अफगानिस्तान भयंकर भूकंप

विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदू कुश क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है क्योंकि यहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेट्स आपस में टकराती हैं। पिछले वर्षों में भी अफगानिस्तान को कई बार भूकंपों का सामना करना पड़ा है। 2023 का 6.3 तीव्रता वाला भूकंप अब तक सबसे घातक माना गया था, लेकिन हालिया झटकों ने भी गहरा असर डाला है।

ये भी पढ़ेंः Nasa: ब्रह्मांड में जन्मा नया राक्षस, गैस, धूल सब चट कर जा रहा है

राहत शिविरों की बढ़ रही मांग

भूकंप के बाद हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। वर्तमान में चिकित्सा शिविर, भोजन और पानी की आपूर्ति सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र ने घोषणा की है कि वह जल्द ही राहत और मूल्यांकन टीम प्रभावित क्षेत्रों में भेजेगा। कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत सामग्री तैयार कर रही हैं, जिससे जल्द से जल्द पीड़ितों तक मदद पहुंचाई जा सके।