NCR में प्लॉट खरीदने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें
NCR News: अगर आप भी दिल्ली-एनसीआर में फ्लॉट खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लीजिए। आपको बता दें कि दिल्ली एनसीआर (Delhi NCR) में घर बनाने के लोग खूब प्लॉट खरीद रहे हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा से लेकर गाजियाबाद तक प्लॉट की मांग खूब बढ़ गई है। गाजियाबाद (Ghaziabad) में नमो भारत ट्रेन चलने से तेजी से प्लॉट लोग खरीद रहे हैं। इसी दौरान गाजियाबाद में नमो भारत स्टेशन के इर्द-गिर्द अवैध कालोनाइजर ने अवैध कॉलोनिया विकसित कर दीं। नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) के पास घर बनाने का ऑफर देते इन कॉलोनियों में प्लॉट बेचे जा रहे हैं। नियमों को किनाने कर अवैध कॉलोनियों के खाली प्लॉट के लिए विद्युत लाइन (Power Line) और ट्रांसफार्मर भी रख दिए गए हैं।
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कालोनाइजर पोल पर लगी बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर दिखाकर लोगों को प्लॉट खरीदने के लिए लुभा रहे हैं। इसके लिए विद्युत निगम के जेई, एसडीओ समेत संबंधित अधिकारी जिम्मेदार हैं। कॉलोनियों में बहुत से अवैध निर्माण देखते ही देखते पूरे हो गए। जिन पर कार्यवाही को लेकर जीडीए भी आगे नहीं आ रहा है।
बिना जांच के अवैध कॉलोनियों का रुख कर रहे लोग
औद्योगिक नगरी गाजियाबाद (Ghaziabad) में दूसरे जिले और दूसरे प्रदेशों से बड़ी संख्या में लोग काम के लिए आते हैं। बढ़ती महंगाई के बीच ऐसे में परिवार के साथ आए नौकरी पेशा लोग सस्ती दरों पर प्लॉट खरीदने के लिए बिना छानबीन के अवैध कॉलोनियों का रुख कर रहे हैं। हजारों की संख्या में ऐसे लोगों ने अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीद लिए हैं, जिनमें लोगों ने घर बनाकर रहना भी शुरू कर दिया है।
वहीं, नमो भारत ट्रेन चलने के बाद इसके इर्द-गिर्द बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनी बनाई जा रही हैं, जिनमें विद्युत निगम नियमों को ताख पर रखकर ट्रांसफार्मर और रेवडियों की तरह बिजली कनेक्शन भी बांटा जा रहा है।
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अवैध कॉलोनियों की भरमार
नमो भारत ट्रेन चलने की घोषणा के बाद से ही मोदीनगर मुरादनगर क्षेत्र में सबसे ज्यादा कॉलोनी तैयार होने लगी हैं। लोगों को लुभावने सपने दिखाकर कृषि जमीन पर ही प्लॉट काट दिए गए। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी इसको नजरअंदाज करते रहे और नमो भारत ट्रेन की रफ्तार के साथ अवैध कॉलोनियों की भरमार हो गई।

गाजियाबाद में इन जगहों पर हो रही है प्लाटिंग
गाजियाबाद (Ghaziabad) के मोदीनगर और मुरादनगर क्षेत्र की बात करें तो बसंतपुर सैंथली, हिंसाली, मुरादनगर, असालत नगर की पाइपलाइन रोड, गोविंदपुरी साई संतपुरा, कादराबाद, रोरी, अबुपुर, हापुड़ रोड, दुहाई, बिसोखर रोड, बखरवा मार्ग, सिकरी खुर्द, तिबडा रोड राजबाहा आदि में देखते ही देखते कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग हो गई।
बिजली विभाग ने भी नियम के खिलाफ यहां ट्रांसफार्मर विद्युत लाइन तक ड़ाल दी गई, जिसे देख अवैध कालोनाइजर ने इसे आधार बनाकर प्लाटिंग शुरू कर दी, जिनमें से कई जगह निर्माण होने के साथ ही अवैध रूप से लोग रहने भी लगे।
प्राधिकरण को हुआ नुकसान
कृषि भूमि को धारा 143 के तहत आवासीय में बदला जाता है, जिसके बाद ही प्राधिकरण निर्माण कोई नक्शा पास करता है, लेकिन यहां अवैध कॉलोनियों को सीधे कृषि भूमि में किसानों से खरीदार का बैनामा कर दिया गया है। इससे राजस्व की हानि के साथ ही प्राधिकरण को बहुत नुकसान हुआ है। कृषि भूमि को आवासीय कराने में एक बीघा पर एक लाख रुपये जमा कराना पड़ता है, जिसकी एक प्रतिलिपि जीडीए में नक्शा पास कराने के दौरान लगाई जाती है।
जानिए क्या बोले अधिकारी
भले ही खाली प्लॉट के लिए विद्युत निगम ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइन बिछा रहा हो, लेकिन कई ऐसे उदाहरण भी हैं जहां लोगों को झटपट पोर्टल पर आवेदन और दफ्तरों के चक्कर लगाने के बाद भी दो साल तक कनेक्शन नहीं मिला। ऐसा ही एक मामला आकाश नगर की पूनम का भी है, जहां वह अपने परिवार के साथ मोमबत्ती और दूसरे प्रकाश के साधन के साथ अंधेरे में रही।
दुर्गेश कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत मुरादनगर ने कहा कि निगम की नियमावली के मुताबिक यदि किसी भवन का नक्शा मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट द्वारा पास हो तो उसे कनेक्शन दिया जा सकता है। अवैध कॉलोनी के लोग इसी आधार पर कनेक्शन प्राप्त कर लेते हैं। हालांकि, समय पर जांच की जाती है।
