Delhi News: दिल्ली में यमुना नदी की स्वच्छता को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। राजधानी के 28 घाटों पर एक साथ सफाई अभियान आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, सरकारी विभागों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। इस अभियान का उद्देश्य यमुना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ-साथ लोगों को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की जनभागीदारी की अपील
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से यमुना सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ और अविरल बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक आम जनता इस अभियान का हिस्सा नहीं बनेगी, तब तक स्थायी परिणाम हासिल करना मुश्किल होगा।
यमुना को बताया आस्था और संस्कृति की जीवनरेखा
रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और सभ्यता की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने कहा कि नदी को स्वच्छ रखना आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यमुना की सफाई अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक अभियान बनता जा रहा है।
2027 तक यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार द्वारा यमुना की सफाई के लिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत प्रदूषण कम करने, नालों की सफाई, गाद हटाने और जल गुणवत्ता सुधारने के लिए कई चरणों में कार्य किए जा रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2027 तक यमुना की सफाई के लक्ष्य पर काम शुरू किया है।
विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
यमुना सफाई अभियान में विभिन्न सरकारी एजेंसियों और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नदी प्रदूषण जैसी चुनौती से निपटने के लिए बहु-स्तरीय प्रयासों की आवश्यकता है।
जनता की भागीदारी से मिलेगी सफलता
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नदी संरक्षण अभियान की सफलता केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसमें नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती है। इसी सोच के तहत यमुना सफाई अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
स्वच्छ यमुना, स्वच्छ दिल्ली की दिशा में कदम
दिल्ली सरकार का मानना है कि यमुना की स्वच्छता केवल पर्यावरण संरक्षण का विषय नहीं, बल्कि राजधानी की जीवन गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है। 28 घाटों पर चलाया गया यह अभियान स्वच्छ यमुना और स्वच्छ दिल्ली के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
