Delhi News: दिल्ली में फिर शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद, किसानों को MSP पर मिलेगा सही दाम

दिल्ली
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Delhi News: दिल्ली में किसानों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया गया है। अब राजधानी में फिर से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है, जो 24 अप्रैल से नरेला और नजफगढ़ मंडियों में शुरू होगी। लंबे समय से किसान इस फैसले का इंतजार कर रहे थे, क्योंकि उन्हें अपनी फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा था। इस कदम से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने का मौका मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा।

2021 के बाद फिर शुरू हुई प्रक्रिया

दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा गेहूं खरीद की प्रक्रिया 2021 के बाद बंद हो गई थी, जिससे किसानों को काफी परेशानी हो रही थी। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया, जिसके बाद अब इसे फिर से शुरू किया गया है। इस फैसले से किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी खत्म होगी।

हजारों किसानों को होगा फायदा

इस पहल से लगभग 21,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने किसानों से कहा है कि वे मंडियों में गेहूं बेचने के लिए आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज और बैंक पासबुक साथ लेकर आएं। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होगी। यह कदम किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

उत्पादन और बाजार पर असर

दिल्ली में करीब 29,000 हेक्टेयर में खेती होती है और हर साल लगभग 80,000 मीट्रिक टन गेहूं पैदा होता है। यह स्थानीय जरूरत से ज्यादा है, जिससे अतिरिक्त गेहूं बाजार में जाता है। अब सरकारी खरीद शुरू होने से इस अतिरिक्त उत्पादन का सही उपयोग होगा और किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी। साथ ही, स्थानीय बाजार में संतुलन बना रहेगा।

राशन व्यवस्था और सप्लाई में सुधार

सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर गेहूं खरीदने से पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) और मजबूत होगा। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन आसानी से पहुंचेगा। इसके अलावा, अनाज की अनावश्यक बाहर भेजने की प्रक्रिया कम होगी, जिससे सप्लाई चेन बेहतर होगी और खाद्य सुरक्षा मजबूत बनेगी।

केंद्र और राज्य का सहयोग

मुख्यमंत्री ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के हितों को प्राथमिकता देने और उनकी आय सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयास से यह योजना सफल हो सकेगी।