Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने शनिवार को नई डिजिटल पहल ‘सीएम जन सुनवाई पोर्टल’ और मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिससे दिल्ली सरकार से जुड़ी शिकायतें अब ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकेंगी। यह कदम शिकायत निवारण को केंद्रीकृत और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है।
जन सुनवाई अब डिजिटल रास्ते से
सीएम जन सुनवाई पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब
• अपनी शिकायतें वेब पोर्टल पर,
• मोबाइल ऐप से,
• कॉल सेंटर (1902) के जरिये, या
• सीएम कार्यालय में ऑफ़लाइन भी दर्ज करा सकते हैं।
हर शिकायत को एक विशिष्ट संदर्भ संख्या (Reference ID) दी जाएगी, जिससे शिकायत का समाधान और उसकी स्थिति को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।
तीन-स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली
इस पोर्टल में तीन-स्तरीय प्रणाली लागू की गई है:
- प्रथम स्तर में शिकायत समाधान अधिकारी,
- अपीलीय प्राधिकरण,
- अंतिम अपीलीय प्राधिकरण।
अगर किसी शिकायत का समाधान समय पर नहीं होता है तो वह अपने आप ऊंची कड़ी तक भेजी जाएगी और शिकायतकर्ता को रिमाइंडर भेजने और फीडबैक देने का भी विकल्प मिलेगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि फिजिकल जन सुनवाई जारी रहेगी, लेकिन डिजिटल पोर्टल से लोग कहीं से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिससे समस्या का समय पर समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
कई सेवाओं का एकीकृत मंच
इस पोर्टल के साथ अब 75 से अधिक सरकारी सेवाएं भी जोड़ी गई हैं, जिन्हें 7,000 से अधिक कॉमन सर्विस केंद्र (CSC) के माध्यम से ₹30 की तय शुल्क पर नागरिक घर के पास ही पा सकते हैं। इन सेवाओं में
• आय, जाति, निवास, जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र,
• सामाजिक कल्याण, श्रम और खाद्य आपूर्ति सेवाएँ आदि शामिल हैं।
अन्य डिजिटल पहलों का शुभारंभ
सीएम रेखा गुप्ता ने इसके अलावा
• ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं को CSC नेटवर्क के साथ जोड़ा,
• EWS/DG/CWSN श्रेणियों के लिए सुरक्षित ऑनलाइन एडमिशन प्लेटफॉर्म शुरू किया,
• एसेट मैनेजमेंट पोर्टल और सीएम प्रगति पोर्टल जैसे नए डिजिटल टूल भी लॉन्च किए,
जिनका उद्देश्य सरकारी जमीन, भवनों और प्रोजेक्ट प्रगति की रीयल-टाइम निगरानी और पारदर्शिता है।
तकनीक के माध्यम से बेहतर शासन
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि तकनीक के इस्तेमाल से सरकार और जनता के बीच की दूरी को कम किया जा रहा है, जिससे सेवाएँ अधिक पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त हों। डिजिटल शिकायत निवारण और सेवाओं को आसान बनाने की यह पहल सरकार-जनता के बीच भरोसे को भी बढ़ाएगी।
यह नई पहल दिल्ली में शासन-सेवा प्रणाली को डिजिटल, उत्तरदायी और नागरिक-हितैषी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
