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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में रायपुर साहित्य उत्सव ने पकड़ी रफ्तार

छत्तीसगढ़ राजनीति
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Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर साहित्य और विचारों के बड़े आयोजन की तैयारी कर रही है। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी सिलसिले में नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजन समिति की एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में आयोजन से जुड़ी सभी जरूरी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आगे की रणनीति तय की गई।

संवाद भवन में हुई आयोजन समिति की बैठक

नवा रायपुर के संवाद भवन में आयोजित इस बैठक में साहित्य उत्सव की पूरी रूपरेखा पर विचार किया गया।
बैठक के दौरान इन विषयों पर खास तौर पर चर्चा हुई:

  • कार्यक्रम की समय-सारणी
  • आमंत्रित अतिथियों की सूची
  • साहित्यिक सत्रों की योजना
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम
  • प्रचार-प्रसार की स्थिति

बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों और आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।

23 से 25 जनवरी तक होगा तीन दिवसीय आयोजन

यह तय किया गया कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आयोजन
23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

यह तीन दिवसीय उत्सव पुरखौती मुक्तांगन, अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित होगा। यह स्थान छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को दर्शाने के लिए पहले से ही जाना जाता है।

साहित्य उत्सव नहीं, पहचान बनाने का अवसर

बैठक में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं है।
यह छत्तीसगढ़ की:

  • बौद्धिक पहचान
  • सांस्कृतिक विरासत
  • साहित्यिक समृद्धि

को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का एक बड़ा अवसर है।

उन्होंने कहा कि इस उत्सव के जरिए रायपुर को देश के प्रमुख साहित्यिक केंद्रों में शामिल किया जा सकता है।

देशभर के बड़े लेखक और विचारक होंगे शामिल

रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में देश के अलग-अलग हिस्सों से कई जाने-माने नाम शामिल होंगे। इनमें शामिल हैं:

  • प्रसिद्ध लेखक
  • कवि
  • पत्रकार
  • विचारक
  • युवा रचनाकार

उत्सव के दौरान कई गतिविधियां होंगी, जैसे:

  • साहित्यिक संवाद
  • विचार-विमर्श सत्र
  • पुस्तक विमोचन
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
  • कला और लोक-प्रदर्शन

पुस्तक प्रेमियों के लिए लगेगा पुस्तक मेला

इस साहित्य उत्सव में पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा।
इस मेले में देश के नामी प्रकाशन समूह भाग लेंगे, जहां पाठकों को नई और चर्चित किताबें खरीदने का अवसर मिलेगा।

यह मेला खासतौर पर छात्रों, युवा पाठकों और साहित्य प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।

पुरखौती मुक्तांगन बनेगा साहित्य का केंद्र

पुरखौती मुक्तांगन, जो पहले से ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति को दर्शाने वाला प्रमुख स्थल है, इस आयोजन के दौरान साहित्य और कला का केंद्र बन जाएगा।

यहां:

  • पारंपरिक संस्कृति
  • आधुनिक साहित्य
  • नए विचार

का सुंदर मेल देखने को मिलेगा।

राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ता रायपुर साहित्य उत्सव

बैठक में यह साफ किया गया कि रायपुर साहित्य उत्सव को देश के बड़े साहित्यिक आयोजनों की सूची में शामिल करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

यह उत्सव:

  • लेखकों और पाठकों को जोड़ने का काम करेगा
  • छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छवि को मजबूत करेगा
  • रायपुर को साहित्यिक मानचित्र पर नई पहचान देगा

कार्यक्रम की विस्तृत समय-सारणी और अतिथियों की सूची जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और साहित्य से जुड़े लोग शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं:

  • छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा
  • जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वरंजन
  • अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा
  • श्री आलोक देव

सभी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शन दिया।