Chhattisgarh News: बदलते मीडिया दौर में जनसंपर्क की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तेज़ खबरें, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के बीच सटीक, भरोसेमंद और समय पर जानकारी देना आज सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों को आधुनिक तकनीक, रणनीतिक संचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग से परिचित कराना था, ताकि वे अपने काम को और बेहतर तरीके से कर सकें।
दूसरे दिन हुआ गहन विचार-मंथन
कार्यशाला के दूसरे दिन रणनीतिक संचार, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और एआई के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान अधिकारियों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान भी पाया।
राज्य के सभी जिलों के जनसंपर्क अधिकारी और संचालनालय के अधिकारी इस कार्यशाला में शामिल हुए।
मीडिया से मजबूत रिश्तों पर दिया गया जोर
कार्यशाला के समापन सत्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने अधिकारियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों के लिए मीडिया से अच्छे और भरोसेमंद संबंध बनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कार्यशाला को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से अधिकारियों की पेशेवर क्षमता बढ़ेगी और वे आधुनिक टूल्स के जरिए अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।
उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की भी सलाह दी।
Chhattisgarh News: RACE फॉर्मूला से समझाया प्रभावी जनसंपर्क
कार्यशाला के पहले सत्र में ‘आज की जनधारा’ समाचार पत्र के संपादक और जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत्त अपर संचालक श्री सुभाष मिश्रा ने जनसंपर्क के नए रुझानों पर चर्चा की।
उन्होंने RACE फॉर्मूला के बारे में बताया, जिसमें शामिल हैं:
- Research (शोध)
- Action (कार्य)
- Communication (संचार)
- Evaluation (मूल्यांकन)
उन्होंने समझाया कि जनसंपर्क केवल सूचना देना नहीं है, बल्कि योजना बनाकर, सोच-समझकर काम करना और उसके परिणामों का आकलन करना भी जरूरी है। इस मॉडल से जनसंपर्क को ज्यादा असरदार बनाया जा सकता है।
जनसंपर्क की मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा
दूसरे सत्र में ‘समाचार पच्चीसा’ के संपादक और छत्तीसगढ़ साहित्य परिषद के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा ने जनसंपर्क से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि:
- मीडिया की कार्यशैली बदल रही है
- डिजिटल और सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ी है
- फेक न्यूज एक बड़ी समस्या बन गई है
- त्वरित और तथ्यपरक जवाब देना जरूरी हो गया है
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को मीडिया की जरूरतों को समझते हुए संतुलित और विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
शासन और जनता के बीच सेतु हैं जनसंपर्क अधिकारी
तीसरे सत्र में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और लेखक श्री सुशील त्रिवेदी ने जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका पर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच विश्वास की कड़ी होते हैं।
उनका काम सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं को समझकर प्रशासन तक पहुंचाना भी है।
Chhattisgarh News: एआई से जनसंपर्क के काम होंगे आसान
अंतिम सत्र में वरिष्ठ पत्रकार श्री जोसेफ जॉन ने जनसंपर्क में एआई के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एआई की मदद से:
- तेजी से शोध किया जा सकता है
- कंटेंट को नए रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है
- तथ्य-जांच आसान हो जाती है
- नए विचार जल्दी मिलते हैं
- रोजमर्रा के काम सरल और तेज़ होते हैं
उन्होंने सही प्रॉम्प्ट देने की तकनीक, एआई से होने वाली गलतियों की पहचान और मानव निगरानी की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही कुछ एआई टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यशाला में अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव, श्रीमती हर्षा पौराणिक, श्री संतोष मौर्य सहित संचालनालय और जिलों के कई अधिकारी उपस्थित रहे।
