Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने किया। यह कार्यक्रम राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों के स्टॉल देखे और किसानों को दी जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली।
किसानों से किए वादे निभाने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पिछले दो वर्षों से किसानों से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से 3100 रुपये में की जा रही है। साथ ही अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
आधुनिक खेती और तकनीक पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों से उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में भी सुधार होगा। वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों को अपनाने से खेती अधिक लाभकारी बन सकती है।
तिलहन उत्पादन बढ़ाने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी है। उन्होंने कहा कि देश अपनी जरूरत का केवल लगभग 57 प्रतिशत तिलहन ही पैदा कर पा रहा है, जबकि बाकी आयात करना पड़ता है। इस स्थिति को बदलने के लिए किसानों को तिलहन की खेती बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
किसानों को प्रोत्साहन राशि
सरकार ने तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए खास योजना बनाई है। इसके तहत किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इससे किसानों को तिलहन की खेती करने के लिए प्रेरणा मिलेगी और उनकी आय में भी बढ़ोतरी होगी।
खेती के साथ अन्य व्यवसाय पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि वे सिर्फ खेती पर निर्भर न रहें, बल्कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे अन्य व्यवसाय भी अपनाएं। इससे उनकी आय के स्रोत बढ़ेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान
विश्व वानिकी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की, ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाया जा सके।
प्रशिक्षण और उन्नत बीज की सुविधा
कार्यक्रम में बताया गया कि किसानों को उन्नत बीज और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से हर साल हजारों किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जाती है, जिससे उनकी खेती और बेहतर हो सके।

किसानों के लिए सरकार का संदेश
इस पूरे आयोजन का मुख्य संदेश यही रहा कि किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सरकार भी योजनाओं और प्रोत्साहन के जरिए किसानों की मदद कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकें।
