Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस साल सीजी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने न सिर्फ उत्कृष्ट परिणाम दिए, बल्कि राजधानी के बड़े निजी स्कूलों को भी कड़ी टक्कर दी है।
100% रिजल्ट और मेरिट में शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष ‘प्रयास’ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की। इतना ही नहीं, टॉप-10 मेरिट सूची में 13 विद्यार्थियों ने जगह बनाई, जो इस पहल की गुणवत्ता को दर्शाता है।
10वीं कक्षा की छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
सीमित संसाधनों में बड़ी उपलब्धि
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित कुल 17 प्रयास आवासीय विद्यालयों में विभिन्न वर्गों के बच्चे, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यार्थी, शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इन विद्यालयों की सबसे खास बात यह है कि यहां पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाती है।
साथ ही विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय कोचिंग के माध्यम से IIT, NIT, NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। यही कारण है कि ये छात्र राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।
12वीं में भी उत्कृष्ट परिणाम
हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षा में 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए। रायपुर के गुडियारी स्थित प्रयास विद्यालय की 19 छात्राओं ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए।
कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95% अंक प्राप्त कर अपने विद्यालय में पहला स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं ने 100 में 100 अंक हासिल किए।
10वीं में भी शानदार प्रदर्शन
हाईस्कूल (10वीं) परीक्षा में कुल 119 छात्राओं में से 48 ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने पूरे 100% अंक हासिल किए।
इसके अलावा, अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों ने भी 97.5% अंक के साथ टॉप-10 मेरिट सूची में स्थान बनाया।
मेरिट सूची में आधे से ज्यादा छात्र प्रयास और एकलव्य विद्यालयों के
हाईस्कूल की प्रावीण्य सूची में कुल 42 छात्रों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग के प्रयास और एकलव्य विद्यालयों से हैं। इनमें से 11 विद्यार्थी प्रयास विद्यालयों के हैं, जो इस योजना की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
सरकार और अधिकारियों ने दी बधाई
इस बड़ी सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि ‘प्रयास’ विद्यालयों की अवधारणा की सफलता को साबित करती है।
आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति सरकार के प्रयासों का परिणाम है।
इसके अलावा, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद छात्रों का यह प्रदर्शन दिखाता है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर कोई भी प्रतिभा आगे बढ़ सकती है।
5500 से अधिक बच्चों के लिए बना उम्मीद का केंद्र
प्रयास विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र बन रहे हैं, बल्कि यह हजारों बच्चों के सपनों को साकार करने का माध्यम भी बन चुके हैं। यह मॉडल खासकर उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में बना प्रेरणादायक मॉडल
‘प्रयास’ विद्यालयों की यह सफलता केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक शिक्षा मॉडल बनकर उभरी है। यह दिखाता है कि अगर सही योजना, समर्पण और मार्गदर्शन मिले, तो कोई भी छात्र बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।
छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ विद्यालयों ने यह साबित कर दिया है कि सपनों को साकार करने के लिए संसाधनों से ज्यादा जरूरी है मेहनत, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास।
