Noida: नोएडा में जीआईपी मॉल और सेक्टर-18 में बनाए गए क्योस्क के आवंटन का लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। नोएडा प्राधिकरण जल्द ही कुल 34 क्योस्क के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इनमें सेक्टर-38ए स्थित जीआईपी मॉल के बाहर बने 19 क्योस्क और सेक्टर-18 के 15 क्योस्क शामिल हैं।
इन क्योस्क के लिए सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से नया आरक्षित मूल्य तय किया जाएगा। इसके बाद आम लोग ई-बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेकर क्योस्क हासिल कर सकेंगे। आरक्षित मूल्य से अधिक कीमत की बोली लगाने वाले आवेदकों को नियमानुसार क्योस्क का आवंटन किया जाएगा।
एक साल से खाली पड़े हैं GIP मॉल के 19 क्योस्क
सेक्टर-38ए स्थित जीआईपी मॉल के बाहर 19 क्योस्क बनाए गए थे। इन्हें बने करीब एक वर्ष हो चुका है, लेकिन अभी तक इनका आवंटन नहीं किया जा सका है।
इसी तरह सेक्टर-18 में बनाए गए 15 क्योस्क का आवंटन भी लंबे समय से अधर में अटका हुआ है। दोनों स्थानों के कुल 34 क्योस्क खाली पड़े हैं और प्राधिकरण अब इनके आवंटन के लिए नई योजना तैयार कर रहा है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने आरक्षित मूल्य तय करने और आवंटन प्रक्रिया से जुड़े अन्य नियमों पर काम शुरू कर दिया है। योजना तैयार होने के बाद इसे नए सिरे से लॉन्च किया जाएगा।
चार बार जारी हुआ RFP, नहीं मिली योग्य कंपनी
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर में क्योस्क के आवंटन के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए थे।
इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी RFP जारी किया गया। मार्च तक कुल चार बार RFP जारी किया गया, लेकिन किसी भी कंपनी का चयन नहीं हो सका।
दो बार जारी किए गए RFP में किसी कंपनी ने आवेदन ही नहीं किया। इसके बाद की प्रक्रिया में कुछ कंपनियों ने रुचि दिखाई, लेकिन वे प्राधिकरण द्वारा तय मानकों को पूरा नहीं कर सकीं।
इस कारण कंपनियों के माध्यम से क्योस्क का संचालन कराने की योजना सफल नहीं हो सकी।
एक क्योस्क का आरक्षित मूल्य था करीब 86 हजार रुपये प्रति माह
कंपनियों की कम रुचि की एक बड़ी वजह क्योस्क के लिए तय किया गया आरक्षित मूल्य भी माना गया।
प्राधिकरण ने पहले एक क्योस्क का आरक्षित मूल्य करीब 86 हजार रुपये प्रति महीने तय किया था। कंपनियों को इस कीमत से अधिक बोली लगाकर क्योस्क लेने थे।
योजना के तहत किसी एक कंपनी को क्योस्क आवंटित किए जाने थे और संबंधित कंपनी आगे इन्हें लोगों को किराये पर देती।
लेकिन अधिक आरक्षित मूल्य और टेंडर की सख्त शर्तों के कारण कंपनियों को योजना में नुकसान होने की आशंका थी। इसी वजह से कंपनियों ने इसमें अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई।
अब आम लोगों को ई-बोली के जरिए दिए जाएंगे क्योस्क
कंपनियों के नहीं आने के बाद नोएडा प्राधिकरण ने अपनी योजना में बदलाव करने का फैसला किया।
अब क्योस्क किसी एक कंपनी को देने के बजाय सीधे आम लोगों को आवंटित किए जाएंगे। इसके लिए ई-बोली प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
आवेदकों को प्राधिकरण द्वारा निर्धारित आरक्षित मूल्य से अधिक की बोली लगानी होगी। ई-बोली में सफल आवेदकों को नियमों के अनुसार क्योस्क का आवंटन किया जाएगा।
हालांकि, नई योजना के तहत क्योस्क का शुल्क और आरक्षित मूल्य अभी तय नहीं हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग इस पर काम कर रहा है।
10 से अधिक क्योस्क खाने-पीने की दुकानों के लिए आरक्षित
जीआईपी मॉल और सेक्टर-18 में बनाए गए क्योस्क में से 10 से अधिक क्योस्क खाने-पीने की दुकानों के लिए आरक्षित हैं।
इन क्योस्क के संचालन से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। वहीं, प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में आने वाले लोगों को भी खाने-पीने और अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
जल्द नए सिरे से लॉन्च होगी आवंटन योजना
नोएडा प्राधिकरण का सामान्य प्रशासन विभाग अब क्योस्क का नया आरक्षित मूल्य तय करने के साथ आवंटन प्रक्रिया की शर्तें तैयार कर रहा है।
आरक्षित मूल्य और अन्य नियम तय होने के बाद योजना को नए सिरे से लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद इच्छुक लोग ई-बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेकर जीआईपी मॉल और सेक्टर-18 के क्योस्क हासिल करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
कई बार RFP प्रक्रिया असफल रहने के बाद अब आम लोगों को सीधे क्योस्क आवंटित करने का फैसला किया गया है। इससे खाली पड़े क्योस्क के जल्द उपयोग में आने और स्थानीय स्तर पर कारोबार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
