Chhattisgarh News (23)

Chhattisgarh News: मीडिया के हर प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल ही बनेगा प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी: आयुक्त डॉ. रवि मित्तल

छत्तीसगढ़ राजनीति
Spread the love

Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को अपने कार्य को प्रभावी बनाने के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का सही उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी यदि एक्सक्लूजिव और जनहित से जुड़ी स्टोरी तैयार करें और उसे प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रचारित करें, तो जनसंपर्क का असर कई गुना बढ़ सकता है।

डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित जनसंपर्क की नई चुनौतियाँ विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।

नेशनल और स्टेट लेवल पर प्रकाशित स्टोरी को मिलेगा सम्मान

आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि जिन जनसंपर्क अधिकारियों की स्टोरी राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मीडिया में प्रकाशित होंगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा। इससे अधिकारियों में बेहतर और रचनात्मक कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आज जनसंपर्क के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। नई तकनीक और एआई टूल्स के उपयोग से कम मेहनत में ज्यादा और बेहतर काम किया जा सकता है।

डिजिटल और सोशल मीडिया का बढ़ता महत्व

डॉ. मित्तल ने कहा कि अब केवल प्रिंट मीडिया तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का सही उपयोग जरूरी है, ताकि शासन की योजनाएं और फैसले समय पर जनता तक पहुंच सकें।

उन्होंने अधिकारियों को नई तकनीकों से लगातार अपडेट रहने की सलाह दी और पत्रकारिता के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप का अवसर देने पर भी जोर दिया।

स्पष्ट और समयबद्ध संवाद सबसे जरूरी

उद्घाटन सत्र में अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री संजीव तिवारी, श्री उमेश मिश्रा और श्री आलोक देव ने कहा कि जनसेवा के लिए स्पष्ट, सरल और समय पर संवाद सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य जनसंपर्क अधिकारियों को अधिक आधुनिक, संवेदनशील और प्रभावी बनाना है।

सरकारी खबरों को रोचक बनाने के गुर

कार्यशाला के पहले दिन का पहला सत्र पाठक-अनुकूल लेखन विषय पर हुआ। दैनिक भास्कर के संपादक श्री शिव दुबे ने बताया कि सरकारी आदेशों और सूचनाओं में से आम जनता से जुड़ी मुख्य बात को कैसे पहचाना जाए।

उन्होंने सरल भाषा, प्रभावी हेडलाइन, मजबूत लीड पैराग्राफ, सही उद्धरण और प्रेस विज्ञप्ति की संरचना पर विस्तार से जानकारी दी।

टीवी और विजुअल स्टोरी की समझ

दूसरे सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक श्री विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं को विजुअल स्टोरी के रूप में कैसे प्रस्तुत किया जाए, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट कैसे ली जाए और फैक्ट शीट क्यों जरूरी होती है।

एआई और सोशल मीडिया से आसान होगा काम

तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स पर चर्चा हुई। डिजिटल और एआई विशेषज्ञ श्री राकेश साहू ने बताया कि एआई तकनीक से फोटो और वीडियो एडिटिंग आसान हो गई है, जिससे कम समय में बेहतर कंटेंट तैयार किया जा सकता है।

आपातकालीन संचार और स्टेकहोल्डर प्रबंधन

अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक श्री लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट और संकट के समय संचार की रणनीतियों की जानकारी दी।

इस कार्यशाला में प्रदेशभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।