Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। बगिया स्थित अपने निवास से कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए उन्होंने इसे बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
फोन आधारित शिक्षण से मिलेगा लाभ
‘जश लर्न’ कार्यक्रम के तहत प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के माध्यम से गणित की शिक्षा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को मजबूत करना और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
फरसाबहार में सफल रहा पायलट प्रोजेक्ट
इस कार्यक्रम की शुरुआत फरसाबहार विकासखंड में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। वहां मिले सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से की बातचीत
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने योजना से लाभान्वित विद्यार्थियों से संवाद किया। बच्चों ने बताया कि नियमित फोन कॉल और मार्गदर्शन की मदद से अब उन्हें गणित के सवाल हल करने में आसानी होती है और पढ़ाई के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि उसे अब 20 तक के पहाड़े याद हो गए हैं और वह जोड़, घटाव, गुणा और भाग आसानी से कर लेती है।
शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थियों की साझेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो शिक्षा के परिणाम बेहतर होते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित ऐसे नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं।
प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में डाइट जशपुर के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया। इन छात्र-शिक्षकों ने मोबाइल आधारित शिक्षण के जरिए बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
260 बच्चों को मिला लाभ
पायलट प्रोजेक्ट के तहत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने 260 विद्यार्थियों को नियमित फोन कॉल के माध्यम से पढ़ाई में सहयोग दिया। बच्चों को जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय अवधारणाएं सिखाई गईं।
75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की गणितीय दक्षता
कार्यक्रम के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे। लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने गणित की बुनियादी संक्रियाओं में दक्षता हासिल की। बच्चों की सीखने की गति और आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
अब पूरे जिले में होगा विस्तार
जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए सभी सीएसी (क्लस्टर अकादमिक समन्वयकों) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
शिक्षा में नवाचार का नया मॉडल
“साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें” की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर में शिक्षा का नया मॉडल बनकर उभर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे हजारों बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता मजबूत होगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
