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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में वनाधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, संग्राहकों से सीधे मिले मुख्यमंत्री

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के अंतर्गत आने वाले तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं को करीब से समझने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री के आगमन पर स्थानीय संग्राहकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। संग्राहकों ने तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से बनी विशेष माला पहनाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री Laxmi Rajwade, विधायक Bhulan Singh Maravi और वन विकास निगम के अध्यक्ष Ramsevak Paikra का भी सम्मान किया गया।

महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महुआ के पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों और संग्राहकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं और जरूरतों को समझने का प्रयास कर रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राशन वितरण, पेयजल व्यवस्था, जल जीवन मिशन, शिक्षा व्यवस्था और राजस्व मामलों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि के उपयोग के बारे में भी चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि इस योजना की राशि से परिवार की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की पढ़ाई में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

संग्राहकों की आय और सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों की रक्षा की जाए और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका वितरित कर उनका उत्साह भी बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनके श्रम से हजारों परिवारों का जीवन चलता है। सरकार चाहती है कि इन परिवारों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिले।

लक्ष्य से ज्यादा हुआ तेंदूपत्ता संग्रहण

जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा तय की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 21 मई 2026 तक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है, जो तय लक्ष्य से अधिक है।

इस कार्य में कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। यह क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक मौजूद रहे।