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Chhattisgarh News: शहीद गैंदसिंह के शहादत दिवस पर मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 जनवरी 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने महान जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीद गैंदसिंह के नाम पर चौक और मूर्ति की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण और मूर्ति स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार और विभिन्न जिलों में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रत्येक स्थान पर 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण और चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों से समाज की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और नई पीढ़ी को अपने इतिहास से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

1857 से पहले भी छत्तीसगढ़ में आजादी की लड़ाई

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भले ही देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 1857 से मानी जाती है, लेकिन छत्तीसगढ़ की धरती पर उससे बहुत पहले जनजातीय क्रांतियों की शुरुआत हो चुकी थी। शहीद गैंदसिंह वर्ष 1825 में अंग्रेजों से संघर्ष करते हुए शहीद हुए थे।

14 जनजातीय क्रांतियों की भूमि है छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी। यह भूमि शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की रही है, जिन्हें लंबे समय तक इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला।

नया रायपुर का ट्राइबल म्यूजियम जनजातीय इतिहास का साक्षी

मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर में जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस म्यूजियम का भ्रमण कर जनजातीय नायकों के योगदान को समझें।

जनजातीय समाज को मिला राष्ट्रीय सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू विराजमान हैं और छत्तीसगढ़ का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन हुआ, जिससे समाज के विकास को नई दिशा मिली।

शिक्षा और विकास पर सरकार का विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को विकास का मूलमंत्र मानते हुए छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे संस्थान स्थापित हुए हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को जागरूक करने की अपील की।

बस्तर में विकास की नई राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास में बाधा रहा, लेकिन सरकार और सुरक्षा बलों के प्रयासों से अब वहां विकास की नई धारा बह रही है।

शहीद गैंदसिंह का संघर्ष आज भी प्रेरणा

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले जनजातीय वीर शहीद थे, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने जनजातीय नायकों के योगदान को अतुलनीय बताया।