UP News: लखनऊ, 2 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। इसके साथ ही राज्य में लगातार सातवें वर्ष बिजली की दरें स्थिर रहेंगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती बिजली मांग और रिकॉर्ड आपूर्ति के बावजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा।
सात वर्षों से नहीं बढ़ी बिजली की कीमत
सरकार के अनुसार, वर्ष 2019 से लागू बिजली दरें ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी प्रभावी रहेंगी। यानी पिछले सात वर्षों में बिजली की दरों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है। इस फैसले का लाभ घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को भी मिलेगा।
बिजली आपूर्ति में भी हुआ रिकॉर्ड सुधार
योगी सरकार ने दावा किया है कि केवल बिजली दरें स्थिर रखने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार किया गया है। सरकार का लक्ष्य शहरों, कस्बों और गांवों तक 24×7 गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है।
गर्मी में बना बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड
ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस वर्ष भीषण गर्मी के दौरान उत्तर प्रदेश ने 32,673 मेगावाट की अधिकतम बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया। यह राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक विद्युत आपूर्ति बताई जा रही है, जिससे बढ़ती मांग के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रही।
ऊर्जा मंत्री ने दी जानकारी
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार सातवें वर्ष भी बिजली की दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 2026-27 में भी वही बिजली दरें लागू रहेंगी, जो सात वर्ष पहले निर्धारित थीं, जबकि इस दौरान राज्य में बिजली आपूर्ति अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है।
उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत, उद्योगों को भी मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि बिजली दरों को स्थिर रखने से आम परिवारों का मासिक खर्च नियंत्रित रहेगा, किसानों को सिंचाई में राहत मिलेगी और उद्योगों की उत्पादन लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ निवेश का माहौल भी मजबूत होगा।
