Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की मिसाल पेश करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को Golden Book of World Records में दर्ज किया गया है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
6,412 जोड़ों ने रचा इतिहास
राजधानी Raipur के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में कुल 6,412 जोड़े एक ही दिन में विवाह बंधन में बंधे। यह आयोजन 10 फरवरी को मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से हुआ, जबकि अन्य जोड़े प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी धर्मों और समुदायों की भागीदारी
इस सामूहिक विवाह की खास बात यह रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और बैगा जनजाति सहित विभिन्न समुदायों के जोड़ों ने अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। यह आयोजन सामाजिक एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की बड़ी सफलता
यह कार्यक्रम ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान और सुरक्षा का आधार बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां बेटियों की शादी गरीब परिवारों के लिए चिंता का विषय होती थी, वहीं अब इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत दी है।
नवविवाहित जोड़ों को मिली आर्थिक सहायता
इस योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को ₹35,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इससे उन्हें अपने नए जीवन की शुरुआत करने में मदद मिलती है।

सरकार की प्राथमिकता: समाज के हर वर्ग तक पहुंच
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि इस योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के समय हुई थी और अब इसे और व्यापक रूप दिया जा रहा है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंच सके।
सामाजिक समरसता का अनोखा उदाहरण
यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सामाजिक एकता, सहयोग और खुशियों का उत्सव बन गया। एक ही मंच पर हजारों जोड़ों का विवाह कराना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
