Chhattisgarh News: Vishnu Deo Sai ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूहों की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं मेहनत, आत्मविश्वास और नवाचार के जरिए नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
लखपति दीदी अभियान से बढ़ रही आर्थिक ताकत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि अभी तक लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और गांवों की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में हर गांव की महिलाओं को लखपति बनाने और ‘लखपति ग्राम’ तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं के लिए कई योजनाएं चल रही हैं
राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
इस योजना के तहत अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है और इस साल के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा सरकार ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनके निर्माण में भी स्व-सहायता समूह की महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
लखपति दीदियों को मिलेगा नया अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। अब उन्हें देश के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराने के लिए ‘लखपति दीदी भ्रमण योजना’ शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही बकरी पालन क्लस्टर परियोजना शुरू की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
सरकार ने स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए आईआईएम रायपुर के साथ समझौता भी किया है, ताकि महिलाओं को व्यवसाय से जुड़ी नई जानकारी और प्रशिक्षण मिल सके।
महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियां
कार्यक्रम में कई महिलाओं ने अपनी सफलता की कहानियां भी साझा कीं। बस्तर जिले की राजकुमारी कश्यप ने बताया कि मुर्गी पालन के जरिए उन्हें हर साल 6 से 7 लाख रुपये तक की आय हो रही है।
वहीं बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने सिलाई से शुरुआत कर आज ड्रोन पायलट बनने तक का सफर तय किया है।
इन कहानियों से यह साफ है कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक विकास में भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की लखपति दीदियां अब अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं और भविष्य में इन्हें करोड़पति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
