Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के लोगों को जल्द ही प्रदूषण मुक्त और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 10 जून 2026 से शहर में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने जा रहा है। पहले चरण में 50 ई-बसें चार प्रमुख रूटों पर संचालित की जाएंगी, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
10 जून से शुरू होगी सेवा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के संयुक्त प्रयास से यह सेवा शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना और प्रदूषण कम करना है।
इन चार प्रमुख रूटों पर चलेंगी ई-बसें
पहले चरण में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शहर के चार महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर किया जाएगा, जिससे ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों, आवासीय इलाकों और प्रमुख संस्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। प्राधिकरण ने इन रूटों को यात्रियों की संख्या और मांग को ध्यान में रखते हुए चुना है।
50 इलेक्ट्रिक बसों का होगा संचालन
शुरुआत में 50 इलेक्ट्रिक बसों को सड़क पर उतारा जाएगा। इन बसों में आधुनिक सुविधाएं, आरामदायक सीटें और पर्यावरण अनुकूल तकनीक होगी। इससे यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
ई-बसों के संचालन से डीजल वाहनों पर निर्भरता कम होगी और शहर में कार्बन उत्सर्जन घटेगा। यह पहल नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को हरित और स्वच्छ परिवहन की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार
ग्रेटर नोएडा में हाल के महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया गया है। तिलपता क्षेत्र में हाई-कैपेसिटी ईवी चार्जिंग प्लाजा शुरू किया गया है, जहां एक साथ कई इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग संभव है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- कम किराये में बेहतर सफर
- प्रदूषण मुक्त यात्रा
- शहर के प्रमुख इलाकों तक आसान पहुंच
- सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ेगा भरोसा
- ट्रैफिक और निजी वाहनों पर निर्भरता में कमी
स्मार्ट और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर बढ़ता ग्रेटर नोएडा
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से ग्रेटर नोएडा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी। आने वाले समय में बसों की संख्या और रूट बढ़ाए जाने की भी संभावना है।

