Chhattisgarh News: सहकारिता सप्ताह में किसानों को मिला आधुनिक खेती का मंत्र, जैविक कृषि और जल संरक्षण पर जोर

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सहकारिता सप्ताह के तहत संयुक्त कलेक्टरेट भवन के सभाकक्ष में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी ने किसानों को आधुनिक खेती, आपसी सहयोग और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का संदेश दिया।

आधुनिक और जैविक खेती अपनाने की अपील

विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि सहकारिता ग्रामीण विकास और कृषि समृद्धि की मजबूत नींव है। उन्होंने किसानों से रोपाई और अन्य कृषि कार्य आपसी सहयोग से समय पर पूरा करने की अपील करते हुए कहा कि इससे श्रमिकों की कमी दूर होगी, खेती की लागत घटेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। उन्होंने अनुभवी किसानों के मार्गदर्शन में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया, ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे और बेहतर उत्पादन मिल सके।

जल संरक्षण और पौधरोपण पर दिया विशेष जोर

संगोष्ठी के दौरान किसानों को वर्षा जल संरक्षण के लिए डबरी और अन्य जल संरचनाओं के निर्माण की सलाह दी गई। विधायक ने खेतों और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पौधरोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की भी अपील की।

सरकारी योजनाओं और नई तकनीकों की दी जानकारी

कार्यक्रम में कृषि, पशुधन विकास, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपाय बताए।

किसानों को वितरित किए गए किसान क्रेडिट कार्ड

संगोष्ठी के दौरान विधायक चैतराम अटामी ने छह किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) वितरित किए। कार्यक्रम में कृषि विभाग, पशुधन विकास विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को सहकारी गतिविधियों और कृषि से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।