Chhattisgarh News: ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान का दिखने लगा असर, बारिश से लबालब हुए डबरी और नवा तरिया

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही राज्य सरकार के ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के सकारात्मक परिणाम अब गांव-गांव में दिखाई देने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों की अच्छी बारिश से अभियान के तहत बनाई गई आजीविका डबरियां, नवा तरिया और अन्य जल संरक्षण संरचनाएं तेजी से पानी से भर रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ने के साथ खेती, सिंचाई और आजीविका आधारित गतिविधियों को भी नई मजबूती मिल रही है।

हजारों जल संरचनाएं बनीं ग्रामीण विकास का आधार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश में निर्मित 15 हजार से अधिक आजीविका डबरियां वर्षा जल का प्रभावी संचयन कर रही हैं। वहीं ‘नवा तरिया–आय के जरिया’ पहल के तहत विकसित 700 से अधिक सामुदायिक तालाब भी बारिश के पानी से लबालब भरने लगे हैं। इन जल संरचनाओं से मत्स्य पालन, बागवानी, सिंचाई और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए स्थायी जल स्रोत उपलब्ध होंगे, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।

वीबीजी रामजी योजना से जल संरक्षण को मिलेगा और बढ़ावा

राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वीबीजी रामजी योजना के माध्यम से भी इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। योजना के तहत स्वीकृत 318 विकास कार्यों में से 108 कार्य सीधे जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण और ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

1,600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर बनाए गए जल संरक्षण ढांचे

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत प्रदेशभर में एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन कार्यों पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। इन संरचनाओं का उद्देश्य केवल पानी का संरक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार और कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा देना है।

जल सुरक्षा के साथ बढ़ेगी ग्रामीण समृद्धि

राज्य सरकार का मानना है कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी है। मानसून की शुरुआत के साथ जल संरचनाओं के भरने से यह स्पष्ट हो गया है कि ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान जल सुरक्षा, कृषि विकास, रोजगार सृजन और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी परिणाम दे रहा है। सरकार आने वाले समय में इस अभियान का और विस्तार कर प्रदेश में जल संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास को नई गति देने की तैयारी कर रही है।