Bihar News: 14 जून 2026 को बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1512 करोड़ रुपये की लागत से 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के कार्य का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सस्ती, स्वच्छ और निरंतर बिजली उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना भी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं को मिली गति
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऊर्जा लेखांकन स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग परियोजना का भी शुभारंभ किया। इसके तहत फीडर, ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता स्तर तक ऊर्जा की निगरानी और लेखांकन की व्यवस्था मजबूत होगी। इससे बिजली आपूर्ति अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 1278 करोड़ रुपये की लागत से ऊर्जा क्षेत्र की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं से राज्य की बिजली व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
लाभार्थियों ने बताया योजना का फायदा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुंगेर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और नालंदा के लाभार्थियों से बातचीत की। लाभार्थियों ने बताया कि घरों पर सोलर पैनल लगने से बिजली बिल का बोझ कम होगा और बची हुई राशि बच्चों की पढ़ाई एवं अन्य जरूरतों पर खर्च की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे बिजली की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
अतिरिक्त बिजली खरीदकर लोगों को बनाएगी आत्मनिर्भर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि किसी घर के सोलर पैनल से 125 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो राज्य सरकार उसे खरीदेगी। इसके बदले उपभोक्ताओं के खाते में राशि भेजी जाएगी। उन्होंने ऊर्जा विभाग को ऐसी स्वचालित व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया जिससे यह प्रक्रिया आसान और पारदर्शी हो सके।
बिहार में बिजली क्षेत्र में बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में बिहार में केवल 17 लाख बिजली कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 2 करोड़ 22 लाख हो गए हैं। उस समय राज्य में बिजली की खपत केवल 400 से 500 मेगावाट थी, जबकि आज यह 9000 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि बिहार देश का सबसे सस्ता बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य है और यहां बिजली उपभोक्ताओं को 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
2027 तक 25 लाख परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 20 नवंबर 2026 तक 2.5 लाख घरों पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही सरकार के दो वर्ष पूरे होने तक यानी 20 नवंबर 2027 तक 25 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण, कार्बन उत्सर्जन में कमी और हरित विकास के लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। बिहार तेजी से औद्योगिक और तकनीकी विकास की ओर बढ़ रहा है और मजबूत बिजली व्यवस्था ही राज्य के विकास को नई गति देगी।
