Chhattisgarh News: Vishnu Deo Sai ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात कर बस्तर के समग्र, समावेशी और सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद सरकार का ध्यान तेजी से विकास, रोजगार सृजन और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर है।
कृषि, सिंचाई और पर्यटन को मिलेगा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत एग्रो और एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बस्तर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और यहां के लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है।
‘नियद नेल्ला नार’ योजना की प्रधानमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बस्तर में चल रही ‘नियद नेल्ला नार योजना’ की उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
सर्वे के अनुसार:
- 93% गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं
- 97% बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश और किताबें मिल रही हैं
- 97% गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं
- 89% ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं
- 95% से अधिक लोगों के राशन और आधार कार्ड तैयार हो चुके हैं
कनेक्टिविटी और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर चल रही है।
इसके अलावा बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। नक्सल-मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों को मंजूरी दी जा रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी नई एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। इसके साथ ही:
- जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है
- दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र अब नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं
- गीदम (दंतेवाड़ा) में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है
उन्होंने कहा कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित 2000 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं, जिससे कृषि और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।
आय बढ़ाने का लक्ष्य, तीन वर्षों में दोगुनी कमाई की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बस्तर के लगभग 85% परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंचाना है।
इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर बनाए जाएंगे और लोगों को एनआरएलएम, सहकारी समितियों, एफपीओ और वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा। साथ ही ‘बस्तर मुन्ने’ नामक विशेष शिविर कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिससे गांव-गांव में योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।
प्रधानमंत्री को बस्तर आने का दिया निमंत्रण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बस्तर आने का निमंत्रण दिया और रेल तथा सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात बेहद उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन में बस्तर का सर्वांगीण विकास तेजी से आगे बढ़ेगा।
