Chhattisgarh News: कभी नक्सलवाद के लिए चर्चित रहे छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में अब खेल नई उम्मीद और विकास का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री Raksha Khadse ने Khelo India Tribal Games 2026 के दौरान जगदलपुर और रायपुर का दौरा करते हुए इस बदलाव को सकारात्मक और प्रेरणादायक बताया।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स से आदिवासी युवाओं को मिला बड़ा मंच
देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2,500 से अधिक एथलीट विभिन्न खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। इस आयोजन को आदिवासी युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
राज्य मंत्री Raksha Khadse ने कहा कि यह आयोजन केंद्र सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत आदिवासी युवाओं को अपने भविष्य को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल करने का अवसर दिया जा रहा है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र में खेल बने नई उम्मीद का प्रतीक
रक्षा खडसे ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, लेकिन आज स्थिति बदल रही है। अब खेलों के माध्यम से यहां के युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा में लगा रहे हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस क्षेत्र के कई खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और देश के लिए पदक जीतेंगे।
अस्मिता लीग से महिलाओं की खेलों में बढ़ी भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री ने ‘अस्मिता लीग’ के प्रभाव का भी उल्लेख किया। यह पहल ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं को खेलों में आगे लाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
उन्होंने बताया कि हॉकी, वेटलिफ्टिंग, फुटबॉल और तैराकी जैसे खेलों में हिस्सा लेने वाली लगभग 60 से 70 प्रतिशत लड़कियां पहले ही ‘अस्मिता लीग’ का हिस्सा रह चुकी हैं और उन्होंने कई पदक भी जीते हैं।

विशेष रूप से अंजली मुंडा जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस कार्यक्रम की सफलता का उदाहरण बनी हैं। तैराकी प्रतियोगिता में जीते गए सभी पांच स्वर्ण पदक भी ‘अस्मिता लीग’ की खिलाड़ियों ने हासिल किए हैं, जो इस पहल की सफलता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के विजन से खेलों को मिल रहा बढ़ावा
राज्य मंत्री Raksha Khadse ने इस आयोजन को सफल बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, केंद्रीय मंत्री Mansukh Mandaviya और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की टीम को दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और देश के विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
Khelo India Tribal Games 2026 जैसे आयोजनों ने यह साबित कर दिया है कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समाज में बदलाव और विकास का माध्यम भी बन सकते हैं। जहां कभी संघर्ष और नक्सलवाद की पहचान थी, वहां अब खेलों के जरिए नई उम्मीद और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण हो रहा है।
