Chhattisgarh News: कभी-कभी जीवन की दिशा एक छोटे से निर्णय से बदल जाती है। ओडिशा की 15 वर्षीय तैराक Anjali Munda की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वर्ष 2022 में कक्षा में खेल चयन के दौरान उन्होंने तैराकी को चुना—एक ऐसा खेल जिसे वे उस समय केवल मनोरंजन के रूप में जानती थीं। आज वही निर्णय उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ऐतिहासिक उपलब्धि तक ले आया है।
200 मीटर फ्रीस्टाइल में जीता स्वर्ण पदक
ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव की रहने वाली Anjali Munda ने रायपुर में आयोजित पहले Khelo India Tribal Games 2026 में 200 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वे इस प्रतियोगिता की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बन गईं और उन्होंने इतिहास रच दिया।
साधारण परिवार से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। उनके पिता एक स्थानीय फैक्ट्री में वैन चालक हैं। 10 वर्ष की आयु में वे Kalinga Institute of Social Sciences से जुड़ीं, जहां उन्हें निःशुल्क शिक्षा और खेल प्रशिक्षण मिला। यहीं से उनके खेल करियर की मजबूत नींव पड़ी।

मेहनत और आत्मविश्वास ने दिलाई पहचान
शुरुआत में अंजलि अपनी बड़ी बहन से प्रेरित थीं, जो तीरंदाजी में सक्रिय हैं, लेकिन उन्होंने तैराकी को अपना लक्ष्य बनाया। तैराकी शुरू करने के एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने एक स्थानीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचों और खेल मंत्रालय की Asmita League पहल को देती हैं। वर्ष 2024 में संभलपुर में आयोजित इस लीग में उन्होंने दो रजत पदक जीते, जिससे उनका आत्मविश्वास और बढ़ा।
अब अगली स्पर्धाओं पर नजर
इस उपलब्धि के बावजूद अंजलि संतुष्ट नहीं हैं। उनका लक्ष्य अपने 2:25 मिनट के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय को और बेहतर करना है। अब उनकी नजर आगामी स्पर्धाओं—50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक और 200 मीटर इंडिविजुअल मेडली—पर है, जहां वे और बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेंगी।
