Chhattisgarh News: प्रदेश में गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खाद्य विभाग की सचिव Reena Baba Saheb Kangale ने ऑयल कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में एलपीजी की उपलब्धता, वितरण प्रणाली और उपभोक्ता संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए तय की गई नई व्यवस्था
बैठक में निर्णय लिया गया कि कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ता संस्थानों और प्रतिष्ठानों को पिछले महीने की कुल खपत के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही गैस उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के भीतर एलपीजी रिफिल की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और शिकायत निवारण पर जोर
जिला प्रशासन को सभी एलपीजी वितरकों के कार्यालयों और गोदामों में पुलिस और होमगार्ड की मदद से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ और अव्यवस्था की स्थिति को रोकना है। साथ ही गैस वितरकों को अपने फोन नंबर सक्रिय रखने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए भी कहा गया है।
इन संस्थानों को मिलेगी प्राथमिकता
उपलब्ध गैस स्टॉक को ध्यान में रखते हुए जिन संस्थानों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है, उनमें शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, सैन्य और अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, होटल, समाज कल्याण विभाग के संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन, सरकारी कार्यालय, गेस्ट हाउस, पशु आहार उत्पादक इकाइयां और रेस्टोरेंट शामिल हैं।
रोजाना होगी स्टॉक और वितरण की समीक्षा
बैठक में यह भी तय किया गया कि कमर्शियल एलपीजी स्टॉक की उपलब्धता और वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी और इसकी जानकारी हर दिन विभाग को दी जाएगी। इस कदम से गैस वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
