BTech: बच्चों को इंजीनियर बनाने वाले लोग पहले यह हैरान कर देने वाली खबर पढ़िए
BTech: अगर आप भी चाहते हैं कि आपका बच्चा बड़ा होकर इंजीनियर बने तो यह खबर जरूर पढ़िए। इंजीनियर से जुड़ी बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों (Tech Companies) में शामिल Microsoft ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 7,000 कर्मचारियों को नौकरी से बाहर करने का निर्णय लिया है। ये आंकड़ा कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 3 फीसदी है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी में यह छंटनी कई स्तरों और कई देशों में होगी। आइए आज के इस खबर में जानते हैं कि साल के 5 महीने टेक इंडस्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कैसे रहे?

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50 हजार से ज्यादा लोगों की गई नौकरी
साल 2025 की शुरुआत ही टेक इंडस्ट्री (Tech Industry) के लिए अच्छी नहीं रही है। साल के पहले 5 महीनों में ही 50,000 से ज़्यादा टेक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया। यह जानकारी layoffs.fyi नामक वेबसाइट पर जारी आंकड़ों से सामने आई है, जिसके अनुसार 126 टेक कंपनियों ने अब तक 53,100 से ज्यादा वर्कर्स को निकाला है। यह ट्रेंड सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, यूरोप की कंपनियां भी इसमें शामिल हैं।
सबसे ज्यादा खतरा इस कंपनी में
इस लिस्ट में सबसे टॉप पर है दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Intel, जिसने पहले ही करीब 15,000 लोगों की छंटनी कर दी थी और अब वर्कफोर्स के 20 फीसदी हिस्से को निकालने की तैयारी में है। हालांकि कंपनी ने इन रिपोर्ट्स को सीधे तौर पर स्वीकार नहीं किया है, लेकिन कहा है कि छंटनियां दूसरी तिमाही से शुरू होकर कई महीनों तक चलेंगी।
यहां से एक साथ निकाले गए 2800 कर्मचारी
स्वीडन की बैटरी निर्माण कंपनी Northvolt ने मार्च के आखिरी में झटका देते हुए 2800 कर्मचारियों की छंटनी कर दी। यह कदम कंपनी के दिवालिया होने के कुछ ही सप्ताहों बाद लिया गया। पिछले साल सितंबर महीने में भी इस कंपनी ने 1600 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था।
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मेटा और गूगल से भी गई नौकरी
मार्क ज़ुकरबर्ग की कंपनी Meta ने भी साल की शुरुआत से लेकर अब तक 4000 से ज़्यादा कर्मचारियों को बाहर कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ गूगल (Google) ने फरवरी में अमेरिका में अपने कई कर्मचारियों को बायआउट ऑफर दिए और अप्रैल में Platforms और Devices यूनिट से सैकड़ों कर्मचारियों को निकाला। ये छंटनियां जनवरी में शुरू हुए वॉलंटरी एग्जिट प्रोग्राम का हिस्सा थीं।
टेक कंपनियों में क्यों हो रही हैं इतनी छंटनियां?
टेक कंपनियां अब उस तेज ग्रोथ मोड से बाहर आ रही हैं जो उन्हें कोविड के बाद मिला था। अब फोकस है लागत में कटौती, एआई और ऑटोमेशन को अपनाने और छोटे लेकिन कुशल टीम मॉडल की तरफ बढ़ने का। इसका नतीजा है कि बड़ी संख्या में नौकरियां खत्म हो रही हैं।
जानिए क्या होगा भारत पर असर
भारत में इसके दो प्रमुख असर देखने को मिलते हैं। पहला, विदेशी टेक कंपनियों में काम कर रहे भारतीयों की नौकरी पर संकट गहराएगा। दूसरा, भारत से बाहर नौकरी की खोज कर रहे युवा प्रोफेशनल्स के लिए अवसर काफी कम हो जाएंगे। भारत की आईटी इंडस्ट्री भी ग्लोबल ट्रेंड्स से अछूती नहीं रहती।
खुद को करना होगा अपग्रेड
अब सुरक्षित करियर के लिए जरूरी है इंजीनियर अपने स्किल को अपग्रेड करें। टेक इंडस्ट्री अब पहले जितनी सुरक्षित नहीं रह गई है। एआई (AI), ऑटोमेशन और लागत कटौती जैसे फैक्टर कंपनियों की प्राथमिकता बन चुके हैं। ऐसे में हर टेक प्रोफेशनल के लिए आवश्यक है कि वह अपनी स्किल्स को लगातार अपग्रेड करता रहे और बदलते समय के साथ खुद को ढाल सके।
