Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Bureau of Prohibition & State Excise Control) की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में शराब की बरामदगी 2025 की तुलना में औसतन 18 प्रतिशत बढ़ गई है।
साल दर साल शराब बरामदगी का आंकड़ा
- 2024: औसतन प्रतिमाह 2 लाख 88 हजार लीटर शराब जब्त।
- 2025: औसतन प्रतिमाह 3 लाख 14 हजार लीटर, 2024 की तुलना में 9% बढ़ोतरी।
- 2026 (फरवरी तक): औसतन प्रतिमाह 3 लाख 70 हजार लीटर शराब, 2025 की तुलना में 18% अधिक।
ब्यूरो ने बताया कि राज्य स्तर पर सबसे अधिक स्पिरिट की बरामदगी हुई है। जिला स्तर पर औसत 32 हजार लीटर, जबकि ब्यूरो स्तर पर 1 लाख 31 हजार लीटर स्पिरिट पकड़ी गई।
राज्य के बाहर कार्रवाई
बिहार के बाहर भी अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज हुआ:
- 2024: 4 छापेमारी (सिर्फ झारखंड)।
- 2025: 38 छापेमारी, जिसमें झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल। कुल 2.27 लाख लीटर शराब बरामद।
- 2026 (फरवरी तक): 3 छापेमारी, 25,997 लीटर शराब जब्त, 5 लोगों की गिरफ्तारी।
गिरफ्तारी और सजाएं
2025 में कुल 1,25,575 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें 48,780 कारोबारी और 76,795 शराब पीने वाले शामिल थे।
2026 में फरवरी तक कुल 22,827 लोग गिरफ्तार। इसके अलावा बड़े शराब कारोबारी भी बिहार के बाहर गिरफ्तार हुए।
मद्यनिषेध मामलों में 2025 में 203 लोगों को सजा दी गई, जिसमें 2 को आजीवन कारावास और 20 को 10 साल से अधिक की सजा। 2026 में 10 कांड में 12 लोगों को सजा दी गई।
मादक पदार्थों पर भी कड़ी कार्रवाई
2026 में फरवरी तक:
- गांजा: 7,415 किलो
- चरस: 14 किलो
- हेरोइन/ब्राउन सुगर: 8.64 किलो
- डोडा: 53 किलो
- कैप्सूल: 50,439
- इंजेक्शन: 15,774 पीस
- कफ सिरप: 9,743 लीटर
सभी जिलों को मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए मानक संचालन नियमावली भेज दी गई है।
बिहार सरकार और मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की यह लगातार कार्रवाई राज्य में शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ संदेश देती है। 2026 में शराब की दोगुनी बरामदगी और बढ़ी सजाएं बताती हैं कि सरकार अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
