Punjab News: पंजाब में पराली जलाने के मामलों में आई कमी को लेकर अब केंद्र सरकार की पुष्टि ने राज्य के किसानों के प्रयासों को बड़ी मान्यता दी है। इस उपलब्धि पर पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने इसे किसानों की मेहनत और जागरूकता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों की सफलता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
किसानों की मेहनत लाई रंग
कृषि मंत्री खुडियां ने कहा कि पंजाब के किसानों ने पराली जलाने की समस्या को गंभीरता से समझा और इसके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। सरकार द्वारा चलाई गई जागरूकता मुहिम और वैकल्पिक उपायों को अपनाकर किसानों ने यह साबित कर दिया कि वे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार हैं।
केंद्र की पुष्टि से बढ़ा मनोबल
पराली जलाने के मामलों में गिरावट की केंद्र सरकार द्वारा पुष्टि होने से किसानों का मनोबल और बढ़ा है। खुडियां ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के किसानों की सामूहिक सोच और मेहनत का नतीजा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वीकार किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने में यह कमी काफी अहम मानी जा रही है। खुडियां ने कहा कि इससे न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे उत्तर भारत को राहत मिलेगी। साफ हवा और बेहतर पर्यावरण के लिए यह पहल एक मिसाल बन सकती है।

RDF जारी करने की मांग
कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से लंबित RDF (रूरल डेवलपमेंट फंड) जारी करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि जब पंजाब ने पराली जलाने के मामलों में कमी लाकर अपनी जिम्मेदारी निभाई है, तो केंद्र सरकार को भी राज्य का सम्मान करते हुए लंबित फंड जारी करना चाहिए।
सरकार और किसानों का संयुक्त प्रयास
खुडियां ने बताया कि इस सफलता के पीछे सरकार और किसानों का संयुक्त प्रयास है। आधुनिक मशीनों, सब्सिडी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों ने किसानों को पराली के प्रबंधन के बेहतर विकल्प दिए, जिससे जलाने की घटनाओं में कमी आई।
भविष्य में और सुधार की उम्मीद
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पराली जलाने के मामलों में और कमी आएगी। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और किसानों को हर संभव सहायता दी जा रही है, ताकि यह समस्या पूरी तरह खत्म की जा सके।
