Greater Noida: ग्रेटर नोएडा को सुरक्षित और तकनीक-सक्षम शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर के 350 प्रमुख स्थानों पर 2,700 से अधिक अत्याधुनिक स्मार्ट सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 227.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, अगस्त से परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
AI आधारित निगरानी और ड्रोन तकनीक का होगा इस्तेमाल
सेफ सिटी परियोजना के तहत लगाए जाने वाले कैमरे केवल वीडियो रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं होंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण, फेस डिटेक्शन, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और रियल-टाइम निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा भीड़भाड़ वाले आयोजनों, धार्मिक कार्यक्रमों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को सहायता मिलेगी।
शहर के प्रमुख स्थान रहेंगे निगरानी के दायरे में
परियोजना के तहत शहर के प्रमुख प्रवेश और निकास मार्गों, बाजारों, मॉल, मेट्रो स्टेशनों, सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख सड़कों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को कैमरों की निगरानी में लाया जाएगा।
इन सभी कैमरों को एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जहां से पुलिस और संबंधित एजेंसियां 24 घंटे निगरानी करेंगी।
अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई में मिलेगी मदद
अधिकारियों का मानना है कि नई निगरानी प्रणाली से अपराधों की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आपात स्थिति में त्वरित पुलिस कार्रवाई संभव होगी।
AI आधारित विश्लेषण से संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की पहचान आसान होगी, जबकि ड्रोन निगरानी बड़े आयोजनों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाएगी।
पहले चरण की प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा कार्य
जानकारी के अनुसार, परियोजना की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसे अमल में लाने की तैयारी अंतिम चरण में है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी कैमरे लगाने और आवश्यक डिजिटल अवसंरचना विकसित करने का कार्य शुरू करेगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगस्त से परियोजना का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा।
महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा होगी मजबूत
सेफ सिटी परियोजना का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के लिए सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण तैयार करना है। इसके साथ ही शहर की आधुनिक निगरानी व्यवस्था पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने, अपराध नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
