Bihar News: सीएम नीतीश ने दीघा घाट का किया विस्तृत निरीक्षण, गंगा आरती को भव्य बनाने के निर्देश

बिहार
Spread the love

Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राजधानी पटना स्थित दीघा पर्यटन घाट पर विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाट को केवल आज तक की तरह एक साधारण स्थल नहीं, बल्कि एक सुन्दर और व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा के किनारे के इस स्थल को आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

दीघा घाट में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीघा घाट को सुंदरता के साथ समग्र उद्यान, बैठने-ठहरने की व्यवस्थाएं, साफ-सफाई और सुरक्षा सुविधाएं मुहैया कराने के दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गंगा आरती समेत सभी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आकर्षक और व्यवस्थित तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोग और परिवार आसानी से यहां समय बिता सकें।

गंगा आरती को भव्य कार्यक्रम बनाया जाएगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गंगा आरती जैसे आयोजनों से पटना को राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पर्यटन के मानचित्र पर मजबूती से जगह मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आरती के आयोजन की व्यवस्था नियमित, सुंदर और व्यवस्थित रूप से हो, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक दोनों ही इसका आनंद ले सकें।

छह-लेन नए गंगा पुल का निरीक्षण

दीघा घाट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने नए छह-लेन गंगा पुल के निर्माण स्थल का भी जायजा लिया। यह पुल जेपी सेतु के समानांतर बनाया जा रहा है, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन और मजबूत होगा। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि यह पुल जल्द पूरा हो और जनता को इसका लाभ मिले।

कनेक्टिविटी से आर्थिक विकास में मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुल के बनने से पटना के यातायात में भी सुधार आयेगा और पर्यटन, व्यापार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। इससे विशेषकर पटना-सारण इलाका और आसपास के हिस्सों के विकास में तेजी आएगी, जिससे रोज़गार और अवसर दोनों बढ़ेंगे।

गंगा संरक्षण और सफाई पर जोर

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सिर्फ संरचनाओं का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि गंगा नदी के संरक्षण, उसके किनारों की सफाई और साफ पानी की उपलब्धता पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नदी के पारिस्थितिक संतुलन और सफाई पर भी निरंतर कार्य किया जाये।

विकास की प्रक्रिया में तमाम अधिकारी लगे हुए

इन निरीक्षणों के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और विभाग प्रमुख भी साथ रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह बैठक पटना में पर्यटन और बुनियादी विकास कार्यों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।