Bihar News: बिहार सरकार और विश्व बैंक ने राज्य में सतत शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए संयुक्त पहल शुरू की है। नगर विकास एवं आवास विभाग तथा विश्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में ‘बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम’ के तहत ‘को-क्रिएटिंग द विज़न एंड स्ट्रेटेजी फॉर सस्टेनेबल अर्बनाइजेशन’ विषय पर ‘वर्किंग लेवल विजनिंग’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बिहार के शहरों के अगले दस वर्षों के विकास की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।
नए शहरों और सैटेलाइट टाउनशिप पर होगा फोकस
कार्यशाला की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार शहरी विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में नए शहरों और सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जाएंगे। साथ ही पुराने शहरों के पुनर्विकास, आधुनिकीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विश्व बैंक बनेगा प्रमुख साझेदार
प्रधान सचिव ने कहा कि बिहार के शहरी विकास में विश्व बैंक महत्वपूर्ण भागीदार की भूमिका निभा रहा है। अगले दस वर्षों में विश्व बैंक के सहयोग से कई बड़ी परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ परियोजनाओं का काम अगले दो से तीन वर्षों के भीतर धरातल पर दिखाई देने लगेगा।
केवल वित्तीय सहयोग नहीं, विशेषज्ञता भी मिलेगी
विनय कुमार ने कहा कि विश्व बैंक केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दे रहा, बल्कि वैश्विक स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता और नीति संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से सैटेलाइट टाउनशिप, आधुनिक शहरी अवसंरचना और पुराने शहरों के समग्र पुनर्विकास की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।
सभी विभाग मिलकर तैयार करेंगे विकास मॉडल
प्रधान सचिव ने कहा कि शहरी विकास की इस प्रक्रिया में विभिन्न सरकारी विभागों, संस्थानों और अन्य हितधारकों को साथ लेकर एक दीर्घकालिक और समेकित विकास मॉडल तैयार किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के शहरों में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था पूरी
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है।
विश्व बैंक के अलावा देश की अन्य प्रमुख संस्थाएं भी इस शहरी परिवर्तन अभियान में सहयोग कर रही हैं।
सतत शहरीकरण पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इस दौरान सतत शहरीकरण, नगर वित्तीय सुदृढ़ीकरण, वित्तीय प्रबंधन, एकीकृत शहरी नियोजन और आधुनिक शहरी विकास रणनीति जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ रहे मौजूद
कार्यक्रम में विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी, सचिव अनिमेष कुमार पराशर, वित्त विभाग की सचिव रचना पाटिल, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विश्व बैंक की ओर से रोसाना निट्टी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने कार्यशाला में भाग लिया और बिहार के लिए सतत एवं समावेशी शहरी विकास की रणनीति पर अपने सुझाव साझा किए।
