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Bihar News:भारत-नेपाल सीमा पर सख्ती: बिहार सरकार का बड़ा एक्शन, नो-मेंस लैंड से हटेंगे अतिक्रमण, संदिग्ध गतिविधियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

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Bihar News: भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीमा सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने, गायब सीमा स्तंभों की मरम्मत और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

735 किलोमीटर लंबी सीमा पर बढ़ी निगरानी

बिहार की नेपाल से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा करीब 735 किलोमीटर लंबी है। यह सीमा पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज समेत सात जिलों तथा बगहा पुलिस जिले से होकर गुजरती है। सीमा की सुरक्षा के लिए 70 पुलिस थाने और एसएसबी की 194 चौकियां तैनात हैं।

नो-मेंस लैंड से लगभग सभी अतिक्रमण हटाए गए

बैठक में बताया गया कि नो-मेंस लैंड क्षेत्र में कुल 1359 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। इनमें से 1349 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं और केवल 10 मामले शेष हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि शेष अतिक्रमण भी जल्द हटाए जाएं और भविष्य में किसी नए अतिक्रमण को पनपने न दिया जाए।

जिलेवार स्थिति

  • पश्चिम चंपारण: 272 में से 272 हटाए गए
  • पूर्वी चंपारण: 231 में से 229 हटाए गए
  • सीतामढ़ी: 139 में से 133 हटाए गए
  • मधुबनी: 245 में से 245 हटाए गए
  • सुपौल: 101 में से 100 हटाए गए
  • अररिया: 336 में से 336 हटाए गए
  • किशनगंज: 35 में से 34 हटाए गए

सरकारी जमीनों पर भी कार्रवाई जारी

सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमणों की भी समीक्षा की गई। कुल 996 मामलों में से 879 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि 117 मामलों में कार्रवाई जारी है।

1155 सीमा स्तंभ अब भी लापता

भारत-नेपाल सीमा पर कुल 5343 सीमा स्तंभ मौजूद हैं। इनमें:

  • 3771 स्तंभ अच्छी स्थिति में हैं
  • 317 क्षतिग्रस्त हैं
  • 1155 स्तंभ लापता हैं
  • 100 नए स्तंभों का निर्माण होना बाकी है

सरकार ने फील्ड सर्वे टीम को सीमा स्तंभों की मरम्मत और पुनर्स्थापना का कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एसएसबी चौकियों पर फोकस

पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित 29 एसएसबी चौकियों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने और नियमित गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संदिग्ध कारोबार और विदेशी निवेश की जांच

सीमावर्ती जिलों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच में कई संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

संदिग्ध प्रतिष्ठानों की संख्या

  • सीतामढ़ी: 28
  • किशनगंज: 21
  • पश्चिम चंपारण: 9
  • मधुबनी: 6
  • सुपौल: 6
  • अररिया: 5
  • पूर्वी चंपारण: 5

विशेष रूप से अररिया में कई संस्थानों और कंपनियों में संदिग्ध विदेशी निवेश और वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं, जिनकी जांच आयकर विभाग को सौंपी गई है।

म्यूल खातों और साइबर फ्रॉड पर शिकंजा

सरकार ने साइबर ठगी और वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल खातों पर भी सख्ती दिखाई है।

  • बेतिया में 78 बैंक खाते फ्रीज
  • 5 एफआईआर दर्ज
  • बगहा में 18 म्यूल खातों की जांच
  • 13 आरोपी गिरफ्तार
  • अन्य जिलों में 33 मामले दर्ज
  • 148 खाते फ्रीज

अपराधी ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश पर भारी मुनाफे और नौकरी के नाम पर लोगों को ठग रहे थे।

बैंकों को भी मिले सख्त निर्देश

मुख्य सचिव ने बैंकों को निर्देश दिया कि सभी ग्राहकों का C-KYC सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। सीमावर्ती जिलों के बैंक कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा। साथ ही 1292 बैंक शाखाओं में नकली नोट पहचानने वाली मशीनें लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 1259 शाखाओं में मशीनें लगाई जा चुकी हैं।

सरकार का स्पष्ट संदेश

बैठक के अंत में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और सुरक्षा एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। सरकार का उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना, अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना और राष्ट्र विरोधी तत्वों के मंसूबों को समय रहते नाकाम करना है।

सीमा सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती

भारत-नेपाल सीमा पर चल रही यह व्यापक कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा, आर्थिक पारदर्शिता और साइबर अपराध नियंत्रण के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से सीमावर्ती क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।