Punjab

Punjab में शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए आरक्षित होंगी 25% सीटें

पंजाब राजनीति
Spread the love

Punjab News: पंजाब के सीएम भगवंत मान ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है।

Punjab News: पंजाब के सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य के सभी निजी स्कूलों (Private Schools) में 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी। इन बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। इस निर्णय की जानकारी AAP पंजाब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।

हर घर तक शिक्षा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

AAP की पोस्ट में कहा गया कि मान सरकार का उद्देश्य राज्य के हर घर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। इसके लिए सरकारी निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि इस फैसले को ज़मीन पर उतारा जा सके। सरकार का मानना है कि यह नीति शिक्षा में समानता लाने में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी।

ये भी पढ़ेंः Punjab: शहीद मदन लाल ढींगरा के शहीदी दिवस पर CM भगवंत मान ने किया नमन

पहले भी शिक्षा में लिए गए कई बड़े निर्णय

यह पहली बार नहीं है जब मान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा ठोस कदम उठाया हो। इससे पहले भी सरकार ने राज्य में स्कूल ऑफ एमिनेंस की शुरुआत की थी। अभी तक 100 से अधिक स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा चुके हैं, जिनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है।

शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाने की कोशिश

सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने की दिशा में काम कर रही है। निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों का फैसला इसी दिशा में एक मजबूत पहल है। इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो आर्थिक कारणों से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पाते।

ये भी पढ़ेंः Punjab सरकार का डिजिटल तोहफा, 3 लाख पेंशनरों के लिए सर्विस पोर्टल जल्द होगा लॉन्च

शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में प्रयास

मान सरकार का लक्ष्य पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाना है। इस दिशा में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा और सीटों का आरक्षण बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े फैसले ले सकती है। साथ ही, पूरे प्रदेश में स्कूल ऑफ एमिनेंस का विस्तार तेजी से करने की योजना है ताकि राज्य के सभी छात्रों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।