अब नहीं लगाने होंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, घर बैठे मिलेगी पेंशन सेवा
Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य के लगभग 3 लाख पेंशनरों (Pensioners) और जल्द रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) के नेतृत्व में सरकार जल्द ही एक अत्याधुनिक पेंशन सर्विस पोर्टल लॉन्च करने जा रही है, जिससे पेंशन से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान घर बैठे हो सकेगा। इस पोर्टल का पायलट ट्रायल छह विभागों में शुरू हो चुका है, और इसे दिवाली 2025 तक पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा। यह पहल डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो पेंशनरों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी।

पेंशनरों को मिलेगी दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति
नए पेंशन सर्विस पोर्टल (New Pension Service Portal) के जरिए पेंशनरों को छोटे-मोटे कामों और औपचारिकताओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पेंशनर अब घर बैठे अपनी समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। एक रिटायर कर्मचारी ने खुशी जताते हुए कहा, ‘अब हमें दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी राहत है।’ यह पोर्टल पेंशनरों की सुविधा और पारदर्शिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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समय पर पेंशन और ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा
पोर्टल के माध्यम से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को समय पर उनके बैंक खाते में पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे आर्थिक असुरक्षा की समस्या खत्म होगी। इसके अलावा, हर साल जमा होने वाला लाइफ सर्टिफिकेट अब ऑनलाइन सबमिट किया जा सकेगा, जो जीवन प्रमाण पोर्टल से सीधे लिंक होगा। यह सुविधा पेंशनरों के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी, क्योंकि उन्हें इसके लिए दफ्तरों में नहीं जाना पड़ेगा।
शिकायत निवारण और डाटा अपलोड की प्रक्रिया
पोर्टल पर दर्ज होने वाली हर शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसे संबंधित अधिकारी को भेजा जाएगा। शिकायत का समाधान तय समयसीमा में करना अनिवार्य होगा। पहले चरण में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, जल आपूर्ति, और स्वच्छता विभागों के रिटायर कर्मचारियों और पेंशनरों का डाटा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। दूसरे चरण में सभी विभागों को शामिल किया जाएगा, और तीसरे चरण में एक मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना है।
केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए सुविधा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पोर्टल केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है। बोर्ड और कॉरपोरेशन कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उनके सेवा नियम अलग हैं। लेकिन, भविष्य में सरकार बोर्ड और कॉरपोरेशन कर्मचारियों के लिए भी एक अलग मॉडल लाने की योजना बना रही है। पंजाब में वर्तमान में करीब 3 लाख पेंशनर हैं, और हर साल 10-15 हजार नए रिटायरमेंट केस जुड़ते हैं। पहले पेंशन क्लियरेंस और शिकायत निवारण में 3-6 महीने लग जाते थे, लेकिन इस पोर्टल से यह प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
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डिजिटल सुरक्षा और सुविधाएं
पोर्टल में ओटीपी आधारित लॉगिन, आधार लिंकिंग, और मोबाइल ऐप की सुविधा होगी, जिससे पेंशनरों को उपयोग में आसानी होगी। यह पहल पंजाब सरकार की डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पेंशनरों और रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए यह पोर्टल समय, धन, और ऊर्जा की बचत करेगा, साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक कुशल बनाएगा।
