Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा, 17 जुलाई। ग्रेटर नोएडा की श्री राधा स्काई गार्डन सोसायटी में शुक्रवार को एक फ्लैट में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग एसी ब्लास्ट या एसी में खराबी के कारण लगी। घटना के समय फ्लैट में एक महिला और उसका बच्चा मौजूद थे। दोनों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग लगते ही मचा हड़कंप
जानकारी के मुताबिक आग टावर-12 के फ्लैट नंबर 1802 में लगी। अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे फ्लोर पर दहशत फैल गई। महिला ने अपने बच्चे को लेकर तुरंत फ्लैट से बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया। आग की सूचना मिलते ही दूसरे टावरों में रहने वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर मदद की अपील की और फायर सर्विस को टैग किया।
स्प्रिंकलर सिस्टम पर उठे सवाल
सोसायटी के निवासियों का आरोप है कि फ्लैट में आग लगने के दौरान फायर स्प्रिंकलर सिस्टम काम नहीं कर रहा था। उनका कहना है कि यदि स्प्रिंकलर समय पर सक्रिय हो जाते तो आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता था। इस घटना के बाद सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था और फायर सिस्टम को लेकर लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
दमकल पहुंचने से पहले बुझी आग
गौतमबुद्ध नगर फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के अनुसार दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उससे पहले सोसायटी की मेंटेनेंस टीम ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था। अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
नोएडा में लगातार सामने आ रहे आग के मामले
इसी दिन नोएडा के सेक्टर-137 स्थित पारस टिएरा सोसायटी में भी एक फ्लैट में आग लग गई। शुरुआती जांच में एसी में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना गया। वहां भी समय पर दमकल और पुलिस की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
इसके अलावा बुधवार देर रात ग्रेटर नोएडा की मिग्सन अल्टिमो सोसायटी में भी 20वीं मंजिल पर शाफ्ट में आग लग गई थी। आग धीरे-धीरे 12वीं मंजिल तक फैल गई थी। उस समय एक व्यक्ति ने लपटें देखकर शोर मचाया, जिससे लोगों की नींद खुली और समय रहते सभी सुरक्षित बाहर निकल सके।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के बाद हाईराइज सोसायटियों में रहने वाले लोगों ने फायर सेफ्टी सिस्टम की नियमित जांच, स्प्रिंकलर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर टेस्टिंग कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय नहीं रही तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से भी फायर सेफ्टी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की जा रही है।
