Chhattisgarh News: रायपुर, 18 जुलाई 2026: छत्तीसगढ़ ने खनन और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (JNARDDC), नागपुर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते का उद्देश्य खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग, अनुसंधान, मूल्य संवर्धन और क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को बढ़ावा देना है।
क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
इस MoU के जरिए छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों पर आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया जाएगा। इसके साथ ही खनिजों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन पर भी काम किया जाएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इस साझेदारी से खनिज संपदा का योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से उपयोग संभव होगा, जिससे प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत मिशन को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के विजन से भी जुड़ी हुई है। सरकार का उद्देश्य ऐसे महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश की विदेशी निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर अनुसंधान तथा उत्पादन की क्षमता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के सतत और वैज्ञानिक उपयोग पर लगातार काम कर रही है।
रेड मड से गैलियम और वैनेडियम निकालने पर हो रहा शोध
JNARDDC के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक और विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम और वैनेडियम की रिकवरी पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है।
इसके साथ ही बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम निकालने की तकनीक पर भी काम किया जा रहा है। ये सभी खनिज रणनीतिक और औद्योगिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के अनुसंधान भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अनुसंधान और तकनीकी नवाचार पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम में भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल और JNARDDC के निदेशक पंकज कुलश्रेष्ठ ने अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि CMDC और JNARDDC की यह साझेदारी आने वाले समय में राज्य और देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली साबित हो सकती है।
CMDC की 25 वर्षों की विकास यात्रा भी हुई पेश
कार्यक्रम में CMDC के महाप्रबंधक यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा और प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी।
उन्होंने संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की योजनाओं और छत्तीसगढ़ में मौजूद खनिज संसाधनों की संभावनाओं पर भी प्रस्तुति दी।
इस दौरान CMDC की टिन और कोरंडम परियोजनाओं की भी सराहना की गई। अधिकारियों के मुताबिक इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता तथा वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है।
रोजगार और औद्योगिक विकास को भी मिलेगा फायदा
इस समझौते से केवल अनुसंधान और खनन क्षेत्र को ही नहीं, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक तकनीक और मूल्य संवर्धन के जरिए छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा को आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनाया जा सकता है।
CMDC और JNARDDC के बीच हुआ यह समझौता आने वाले समय में क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और सतत खनन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
